Lohardaga: जिले के कुजरा बरवटोली गांव में दोपहर एक दर्दनाक हादसे में 45 वर्षीय अधेड़ की मौत हो गई. अपने खपरैल मकान की मरम्मत के दौरान सीढ़ी से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हुए व्यक्ति ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया. घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है तथा मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
संतुलन बिगड़ने से फिसल गया पैर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुजरा बरवटोली निवासी बाबू लाल भगत (45 वर्ष), पिता स्वर्गीय बन्दे भगत, दोपहर अपने पुराने खपरैल मकान की मरम्मत के कार्य में जुटे हुए थे. बरसात के मौसम को देखते हुए वे घर की छत पर खपड़ा चढ़ाने और टूटे हिस्सों की मरम्मत कर रहे थे ताकि बारिश के दौरान परिवार को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.बताया जाता है कि दोपहर में बाबू लाल भगत सीढ़ी के सहारे छत पर चढ़कर खपड़ा ऊपर-नीचे कर रहे थे. इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और सीढ़ी से उनका पैर फिसल गया. देखते ही देखते वे अनियंत्रित होकर ऊंचाई से जमीन पर गिर पड़े.गिरने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे, जहां बाबू लाल भगत गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े हुए थे.

इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों और परिजनों ने तत्काल मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए घायल बाबू लाल भगत को इलाज के लिए लोहरदगा सदर अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक परीक्षण किया, लेकिन जांच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों द्वारा मौत की पुष्टि किए जाने के बाद परिजनों के बीच कोहराम मच गया.अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं.परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था. ग्रामीणों के अनुसार बाबू लाल भगत मिलनसार और मेहनती स्वभाव के व्यक्ति थे और अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए लगातार मेहनत करते थे. उनकी असामयिक मौत से गांव के लोग भी स्तब्ध हैं.हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण सदर अस्पताल और बाद में मृतक के घर पहुंचने लगे.लोगों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और इस दुख की घड़ी में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया. गांव में देर शाम तक मातमी माहौल बना रहा.
सुरक्षा उपाय नहीं अपनाने के कारण होते हैं ऐसे हादसे
ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में कई लोग अपने घरों की मरम्मत स्वयं करते हैं, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं अपनाने के कारण ऐसे हादसे हो जाते हैं. लोगों ने घरों की मरम्मत या ऊंचाई पर कार्य करते समय विशेष सावधानी बरतने और सुरक्षित उपकरणों का उपयोग करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. बाबू लाल भगत की आकस्मिक मृत्यु ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है. परिवार के सामने अब आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं. गांव के लोगों ने प्रशासन से शोक संतप्त परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है.
ALSO READ : सोलर पैनल के साथ बैटरी भी है जरूरी, अधिक लोड देने से कम होगा बैकअप


