DUMKA: जिले में कोल ब्लॉक के आवंटन और भूमि सर्वेक्षण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश एक बार फिर फूट पड़ा है. शिकारीपाड़ा प्रखंड के बादलपाड़ा इलाके में सोमवार शाम सर्वेक्षण करने पहुंचे हरियाणा पावर कंपनी के तीन कर्मियों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया. प्रशासन और पुलिस की घंटों चली मशक्कत के बाद देर रात करीब एक बजे उन्हें मुक्त कराया जा सका.
ड्रिल मशीन चालू करते ही भड़के ग्रामीण
घटना सोमवार शाम की है, जब हरियाणा पावर कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी आवंटित कोल ब्लॉक क्षेत्र में ड्रिलिंग और भूमि सर्वेक्षण के लिए पहुंचे थे. जैसे ही कर्मियों ने ड्रिलिंग मशीन चालू की, बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण वहां एकत्र हो गए. ग्रामीणों ने काम को अवैध बताते हुए कर्मियों को घेर लिया और उन्हें अपने कब्जे में ले लिया.
बिना ग्राम सभा, काम नहीं, ग्रामीणों का कड़ा रुख
बंधक बनाए गए कर्मियों के सामने ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि बिना ग्राम सभा आयोजित किए और स्थानीय लोगों की सहमति के बिना क्षेत्र में कोई भी औद्योगिक गतिविधि शुरू नहीं की जा सकती. ग्रामीणों का कहना था कि प्रशासन और कंपनी उनकी जमीन और अधिकारों की अनदेखी कर रहे हैं.
प्रशासनिक हस्तक्षेप और रात भर चला हाई वोल्टेज ड्रामा
जैसे ही कर्मियों को बंधक बनाए जाने की सूचना शिकारीपाड़ा के अंचलाधिकारी कपिल देव ठाकुर और थाना प्रभारी अमित लकड़ा को मिली, वे मौके पर पहुंचे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दुमका के एसडीएम कौशल कुमार और एसडीपीओ विजय कुमार महतो ने मोर्चा संभाला और अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर रवाना किया.
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