SAURAV SINGH
Ranchi: झारखंड के चतरा जिले में SP के आवास के मुख्य द्वार पर दिनदहाड़े हुई प्राइवेट गार्ड की सनसनीखेज हत्या मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. हत्या के आरोपी प्राइवेट बॉडीगार्ड बलवीर सिंह का न केवल पुराना आपराधिक इतिहास रहा है, बल्कि वह मानसिक रूप से विक्षिप्त भी है. आरोपी इससे पूर्व औरंगाबाद में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के चार जवानों की हत्या के मामले में भी मुख्य आरोपी रह चुका है. इस वारदात के बाद झारखंड और बिहार के प्रशासनिक व राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है.

पुराना खूनी इतिहास: 2017 में 4 साथियों की ली थी जान
जांच में सामने आया है कि आरोपी बलवीर सिंह (मूल निवासी: रायपुर, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश) पूर्व में CISF का जवान था. 12 जनवरी 2017 को बिहार के औरंगाबाद स्थित नबीनगर पावर प्लांट में तैनाती के दौरान उसने अपनी सर्विस राइफल (5.56 mm INSAS) से अंधाधुंध फायरिंग कर अपने ही 4 सहयोगियों हेड कांस्टेबल बच्चा शर्मा, अमरनाथ मिश्रा, अरविंद कुमार और एएसआई जी. एस. राम की हत्या कर दी थी. उस समय विभागीय तानों से क्षुब्ध होकर इस आत्मघाती कदम को अंजाम देने की बात सामने आई थी. इस घटना के बाद उसे गिरफ्तार कर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था.

जदयू विधायक के बेटे की ‘दबंगई’ और सुरक्षा में भारी चूक
- इस हत्या के बाद कई बड़े प्रशासनिक सवाल खड़े हो गए हैं
- बिहार के बेलागंज से जदयू विधायक मनोरमा देवी के नाम से तैनात सरकारी बॉडीगार्ड सत्येंद्र कुमार अपने पास मौजूद सरकारी कार्बाइन के साथ विधायक के ठेकेदार बेटे रॉकी यादव (विनीत) की सुरक्षा में झारखंड में घूम रहा था.
- हत्या की वारदात के बाद विधायक का सरकारी बॉडीगार्ड कार्बाइन लेकर मुख्य सड़क की ओर भागने लगा, जिसे एसपी कोठी पर तैनात जवानों ने खदेड़कर दबोच लिया.
- आपराधिक इतिहास और मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के बावजूद बिहार की प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी ने बलबीर सिंह का बिना चरित्र सत्यापन किए उसे बॉडीगार्ड के रूप में बहाल कर रॉकी यादव की सुरक्षा में तैनात कर दिया.
पुलिसिया कार्रवाई और जांच के प्रमुख बिंदु
- चतरा के DSP सुनील कुमार सिंह के अनुसार, पुलिस मामले की हर पहलू से गहन जांच कर रही है.
- बिहार पुलिस का जवान और निजी बॉडीगार्ड बिना चतरा पुलिस को सूचना दिए हथियार के साथ झारखंड की सीमा में कैसे दाखिल हुए?
- आरोपी बलबीर सिंह को बहाल करने वाली प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी पुलिस के रडार पर है. एजेंसी के नियुक्ति मापदंडों और हथियारों के लाइसेंस की जांच की जा रही है.
- जिले की सीमाओं पर चेकिंग की ढिलाई को लेकर भी समीक्षा की जा रही है, ताकि गैर-कानूनी तरीके से हथियारों की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके.
- विधायक पुत्र रॉकी यादव का भी पूर्व में आपराधिक इतिहास रहा है और वह जेल जा चुका है। फिलहाल पुलिस ने विधायक के सरकारी गार्ड को हिरासत में लेकर कार्बाइन जब्त कर ली है और पूरे मामले की कड़ी से कड़ी जोड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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