Ranchi : झारखंड के निर्माण श्रमिकों के भविष्य को सुरक्षित करने और उनके कल्याण के लिए बने झारखंड बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर JBOCWW बोर्ड ने एक अहम पहल की है. बोर्ड ने राज्य के सरकारी और अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों से बीओसीडब्ल्य BOCW सेस फंड के निवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए है. इस कदम का उद्देश्य श्रमिकों से प्राप्त उपकर CESS की राशि को सुरक्षित निवेश कर उस पर बेहतर ब्याज अर्जित करना है, ताकि श्रमिकों की कल्याणकारी योजनाओं को और अधिक मजबूती दी जा सके.
क्या है पूरा मामला
कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020 के तहत, किसी भी निर्माण कार्य की कुल लागत का एक प्रतिशत हिस्सा बीओसीडब्ल्यू BOCW सेस के रूप में जमा करना अनिवार्य है. सरकार और निजी संस्थानों से प्राप्त यह राशि श्रमिकों के हित में खर्च की जाती है. अब बोर्ड ने निर्णय लिया है कि इस फंड को नॉन-कॉलेबल फिक्स्ड डिपॉजिट NCFD के रूप में निवेश किया जाएगा, ताकि इस राशि पर अधिकतम ब्याज प्राप्त हो सके और बोर्ड की वित्तीय स्थिति और सुदृढ़ हो सके.
क्या है बोर्ड का निर्देश
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि चयन का मुख्य आधार सबसे अधिक वार्षिक ब्याज दर होगा. जो बैंक सबसे अधिक ब्याज दर की पेशकश करेगा, उसे प्राथमिकता दी जाएगी. हालांकि, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मूल्यांकन समिति के पास यह अधिकार होगा कि वह अन्य बैंकों को भी एच वन H-1 दर से मिलान करने का अवसर दे सके. अगर, एक से अधिक बैंक अधिकतम ब्याज दर पर सहमत होते है, तो बोर्ड उन सभी को सूचीबद्ध करने का निर्णय ले सकता है.

बैंकों के लिए स्कोप ऑफ वर्क
• डिजिटल एकीकरण : बोर्ड के मौजूदा पोर्टलों और डिजिटल मॉड्यूल्स को बैंक के प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ना, ताकि फंड का प्रबंधन, सुलह और भुगतान की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सके.
• स्वीप-इन-स्वीप-आउट सुविधा : अधिशेष राशि को स्वतः ही फिक्स्ड डिपॉजिट FD में निवेश करना और जरूरत पड़ने पर उसे भुना लेने की सुविधा, ताकि बोर्ड की नकदी बनी रहे और रिटर्न भी अधिकतम मिले.
• मॉनिटरिंग सपोर्ट : पंजीकृत नियोक्ताओं और संस्थानों से प्राप्त सेस संग्रह के सत्यापन और मिलान में बोर्ड की सहायता करना.
• मैनपावर सपोर्ट : जरूरत पड़ने पर फंड प्रबंधन और सेस संग्रह को मजबूत करने के लिए मानव संसाधन उपलब्ध कराना.
