NEWS DESK: नेपाल में नई सरकार बनने के कुछ ही दिनों बाद एक फैसले को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है.बालेन शाह के नेतृत्व वाली सरकार के एक नए नियम के खिलाफ सीमावर्ती इलाकों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं. खासकर बीरगंज में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार के फैसले का खुलकर विरोध कर रहे हैं.
दरअसल,नेपाल सरकार ने भारत से लाए जाने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी (custom duty)को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है.नए नियम के तहत अगर कोई व्यक्ति 100 नेपाली रुपये (NPR) से अधिक कीमत का सामान भारत से लाता है, तो उसे उस पर टैक्स देना होगा. इस फैसले का सीधा असर रोजमर्रा की खरीदारी पर पड़ रहा है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग काफी नाराज हैं.
सरकार के इस कदम का नेपाली कांग्रेस ने किया विरोध
सरकार के इस कदम का नेपाली कांग्रेस ने भी विरोध किया है. पार्टी ने मांग की है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में लागू इस नियम को तुरंत वापस लिया जाए. उनका कहना है कि खाने-पीने की चीजें, कपड़े और घर के उपयोग की वस्तुओं पर टैक्स लगाना आम जनता के लिए परेशानी बढ़ाने वाला है.नेपाली कांग्रेस का आरोप है कि सरकार का यह फैसला सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता के खिलाफ है.पार्टी का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों पर यह नियम अतिरिक्त बोझ डाल रहा है. खासकर गरीब और कम आय वाले लोग, जो भारत से सस्ता सामान खरीदकर अपना गुजारा करते हैं, इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे.
पार्टी के प्रवक्ता देवराज चालिसे ने कहा…
पार्टी के प्रवक्ता देवराज चालिसे द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि दक्षिणी सीमा से सटे इलाकों में रहने वाले किसान और मजदूर इस फैसले से गंभीर रूप से प्रभावित होंगे. ऐसे में सरकार को इस नियम पर पुनर्विचार करते हुए आम लोगों को राहत देनी चाहिए.
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