News Wave Expose : ACB की जांच में खुलासा, हिंडाल्को को CTO की अवधि विस्तार देकर DMO ने किया पद का दुरूपयोग

  – ACB जांच के पता चला, हिंडाल्को को अनुचित लाभ पहुंचाने का भी किया प्रयास – अनुसंधान के दौरान केस में...

 

– ACB जांच के पता चला, हिंडाल्को को अनुचित लाभ पहुंचाने का भी किया प्रयास

– अनुसंधान के दौरान केस में और ठोस साक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रही ACB

Saurav singh

Ranchi: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ( ACB ) की जांच में खुलासा हुआ कि DMO महेंद्र प्रसाद ने मेसर्स हिंडाल्को प्राइवेट लिमिटेड को सीटीओ देने में घोटाला किया था. महेंद्र प्रसाद तब सहायक खनन पदाधिकारी लोहरदगा के पद पर पदस्थापित थे. लेकिन वर्तमान में यह सिमडेगा में जिला खनन पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित हैं. ACB की जांच में आए तथ्यों के अनुसार मामले को लेकर एक शिकायत के आधार पर वर्ष 2020 में पीइ दर्ज किया गया था. जिसके बाद मामले में ACB ने गहराई से जांच शुरू की थी. ACB ने जांच के दौरान पाया कि झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा हिंडाल्को जो जारी कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) की वैद्यता 18 जून 2026 तक थी. कंपनी की ओर से इसकी अवधि विस्तार के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया था. इसके बावजूद महेंद्र प्रसाद ने अपने स्तर से सीटीओ को तीन माह के लिए बढ़ा दिया औार बाद में निदेशक खनन से अनुमोदन मांगते हुए लेटर लिखा था.

सहायक खनन पदाधिकारी को नहीं था CTO देने का अधिकार 

ACB को जांच के दौरान इस बात के तथ्य मिले हैं कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के किसी भी निर्देश या लेटर में सहायक खनन पदाधिकारी को CTO जारी करने या उसकी अवधि बढ़ाने का अधिकार नहीं दिया गया था. इस संबंध में तत्कालीन निदेशक खनन ने महेंद्र प्रसाद को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था. ACB को जांच के दौरान इस बात पर संदेह है कि आरोपी ने अपने पद दुरूपयोग कर हिंडाल्को को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसा किया. ACB को जांच के दौरान यह भी पता चला है कि महेंद्र प्रसाद ने अपने अधिकार का गलत उपयोग कर सीटीओ की अवधि बढ़ाने के बाद पोस्ट फैकटो अनुमति लेने का प्रयास किया. मामले में आरोपी संलिप्तता पर और ठोस साक्ष्य जुटाने के लिए आगे ACB की जांच जारी है.

जानकारी के अनुसार सिमडेगा DMO से पूछताछ कर सकती है ACB की टीम

आरंभिक जांच में संलिप्तता से संबंधित तथ्य मिलने के बाद ACB  के इंस्पेकटर अमरेश कुमार की शिकायत पर वर्ष 2025 में किया गया था. केस दर्ज करने के लिए सरकार से अनुमति भी ली गयी थी. ACB के अधिकारी इस मामले में आगे अब महेंद्र प्रसाद से पूछताछ भी कर सकते हैं.

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