Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नीति आयोग द्वारा जारी ‘Fiscal Health Index 2026’ की रिपोर्ट में झारखंड को देश के शीर्ष तीन राज्यों में स्थान मिलने और ‘अचीवर’ का दर्जा प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant soren) और गठबंधन सरकार को बधाई दी है. कांग्रेस ने इसे राज्य के आर्थिक प्रबंधन की बड़ी जीत बताते हुए विपक्षी दल BJP पर तीखा हमला बोला है. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अख्तर अली ने कहा कि नीति आयोग का यह आंकड़ा BJP के उस खोखले और प्रायोजित दुष्प्रचार का करारा जवाब है.
जिसमें वे लगातार राज्य को आर्थिक रूप से विफल दिखाने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो भाजपा नेता कल तक झारखंड की वित्तीय स्थिति पर घड़ियाली आंसू बहा रहे थे, आज केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाले नीति आयोग की रिपोर्ट ने ही उनके दावों की हवा निकाल दी है. डबल इंजन का दंभ भरने वाले गुजरात और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य भी इस सूचकांक में झारखंड से पीछे छूट गए हैं.

आंकड़ों में झारखंड की आर्थिक मजबूती
• आत्मनिर्भरता की ओर कदम: राज्य का अपना कर राजस्व, कुल राजस्व का 60 प्रतिशत से अधिक रहा है, जो बेहतर राजस्व संग्रह और पारदर्शिता को दर्शाता है.
• वित्तीय अनुशासन: सरकार ने राजकोषीय घाटे को GSDP के 3 प्रतिशत की निर्धारित सीमा से नीचे रखने में सफलता हासिल की है.
• बुनियादी ढांचे का विकास: वेतन और पेंशन जैसी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के साथ-साथ पूंजीगत व्यय को GSDP के 4 से 5 प्रतिशत पर बनाए रखा गया है.
• बेहतर कर्ज प्रबंधन: केंद्र सरकार द्वारा राज्य के हक का 1.36 लाख करोड़ रुपये का कोयला बकाया रोके जाने के बावजूद, झारखंड सरकार ने अपने बकाये कर्ज को GSDP के 25 प्रतिशत से नीचे रखा है.
जनकल्याण और वित्तीय अनुशासन का अनूठा तालमेल
अख्तर अली ने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठबंधन सरकार एक तरफ मंईयां सम्मान योजना, कृषि ऋण माफी, पुरानी पेंशन योजना, अबुआ आवास और हरा राशन कार्ड जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं सफलतापूर्वक चला रही है. तो दूसरी तरफ राज्य का राजकोषीय स्वास्थ्य भी देश में अव्वल है. कहा कि यह साबित करता है कि जब नीयत साफ हो, तो विकास और वित्तीय अनुशासन दोनों साथ-साथ चल सकते हैं. भाजपा को अब अपनी नकारात्मक राजनीति छोड़कर झारखंड के इस गौरवमयी पल का स्वागत करना चाहिए.


