Saraikela: सरायकेला के राजनगर अस्पताल से आई तस्वीरें किसी हॉरर स्टोरी से कम नहीं–जहां ऑपरेशन थिएटर में बिजली रहते हुए भी टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में मरीज की सर्जरी की गई. यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सिस्टम की चौंकाने वाली नाकामी है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया.
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, डॉक्टर निलंबित
मामला सामने आते ही सरकार ने बिना समय गंवाए सख्त एक्शन लिया. अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक को तत्काल निलंबित कर दिया गया, संदेश साफ है, अब गलती नहीं, सीधा कार्रवाई होगी. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को निर्देश दिया गया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त न की जाए और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए.
व्यवस्था मौजूद, जिम्मेदारी नदारद
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अस्पताल में डीजी सेट और इन्वर्टर जैसी वैकल्पिक व्यवस्था मौजूद थी, फिर भी इस तरह की लापरवाही हुई. यानी सिस्टम था, लेकिन जिम्मेदारी गायब थी. सिविल सर्जन को भी खुली चेतावनी दी गई है, अगर निगरानी में कमी पाई गई तो अगला नंबर उनका होगा. अब पूरी चेन ऑफ कमांड पर नजर है.
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मंत्री का सख्त संदेश, जांच के आदेश
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने तीखे तेवर में कहा, “सरकारी अस्पताल सेवा के लिए हैं, लापरवाही के लिए नहीं. गरीबों की जिंदगी से खेलने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. अब हर चूक पर सीधी कार्रवाई होगी.”
उपायुक्त को पूरे मामले की गहराई से जांच और अस्पतालों के औचक निरीक्षण का आदेश दिया गया है. ANM और GNM स्टाफ को भी साफ निर्देश दिए गए हैं कि काम में ढिलाई का मतलब कार्रवाई तय है.
