Palamu: जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है. छतरपुर थाना क्षेत्र के बाधामाड़ा गांव निवासी एक युवक ने लटेया ओपी प्रभारी और उनके निजी चालक पर वाहन छोड़ने के नाम पर तथा जेल भेजने की धमकी देकर जबरन पैसे वसूलने का आरोप लगाया है.पीड़ित ने इस संबंध में पलामू पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और न्याय की मांग की है.
एक लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप
पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में पीड़ित ने बताया कि बालू लदा ट्रैक्टर-ट्रेलर (निबंधन संख्या JH-03AL-4515) को 4 जुलाई 2026 की रात करीब 9 बजे लटेया पिकेट पर रोका गया था.आरोप है कि लटेया ओपी प्रभारी धर्मवीर यादव और उनके निजी चालक रामबचन यादव ने वाहन छोड़ने के एवज में एक लाख रुपये की मांग की. पैसे नहीं देने पर वाहन और उन्हें रातभर पिकेट पर रोककर रखने का आरोप लगाया गया है.
नकद और ऑनलाइन ट्रांसफर से दिए ₹70 हजार
पीड़ित के अनुसार, पुलिस के दबाव में आकर 5 जुलाई की सुबह ₹22 हजार नकद दिए गए. इसके बाद ओपी प्रभारी के निर्देश पर एक परिचित व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर फोन-पे के माध्यम से तीन अलग-अलग किस्तों में कुल ₹48 हजार ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए. पीड़ित ने आरोप लगाया कि इस तरह कुल ₹70 हजार की राशि ली गई. साथ ही सादे कागज पर जबरन हस्ताक्षर कराने का भी आरोप लगाया गया है.

ट्रांजैक्शन आईडी और ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा
शिकायतकर्ता ने आवेदन के साथ ऑनलाइन भुगतान की तीनों ट्रांजैक्शन आईडी और यूपीआई (UTR) विवरण भी संलग्न किए हैं. इसके अलावा मोबाइल बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित होने का दावा किया गया है.पीड़ित ने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.
