Hazaribagh : हजारीबाग के पौता जंगल में तीन चचेरे भाई-बहनों के संदिग्ध शव मिलने की घटना को एक महीना हो गया है. अब तक पुलिस तीनों के मौत की असल वजह नहीं जान पायी है. 23 अप्रैल को घर से निकले मोहम्मद आदिल (25), सानिया परवीन (19) और खुशी परवीन उर्फ वाशिफा नाज (19) चार दिन बाद 27 अप्रैल को मृत पाए गए थे. पुलिस वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के आधार पर आगे बढ़ने की बात कर रही है. वहीं पीड़ित परिवार का आरोप है कि मामले की जांच सही से नहीं हो रही है.

23 अप्रैल को तीनों निकले थे घर से
परिजनों के अनुसार, 23 अप्रैल को खुशी ने अपने चचेरे भाई आदिल और बहन सानिया को घर बुलाया था. तीनों घर से निकले और फिर वापस नहीं लौटे. जब देर रात तक कोई जानकारी नहीं मिली तो परिवार ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. चार दिनों तक परिवार बच्चों की तलाश में भटकता रहा. फिर 27 अप्रैल को पौता जंगल क्षेत्र में तीनों के शव बरामद हुए. ऐसे में पीड़ित परिवार अब पुलिस से मौत की असली वजह जानना चाहती है.
पुलिस की थ्योरी को परिवार कर रहा खारिज
जांच के दौरान पुलिस के स्तर पर यह बात सामने आयी कि तीनों जंगल स्थित जलाशय में सेल्फी लेने या घूमने के दौरान पानी में डूब गए. लेकिन परिवार इस थ्योरी को पूरी तरह खारिज कर रहा है. परिजनों का कहना है कि यदि मौत डूबने से हुई होती तो शव पानी में मिलने चाहिए थे. उनका दावा है कि शव कीचड़युक्त इलाके में मिले थे. पीड़ित परिवार ने दावा किया है कि आखिर तीन स्वस्थ युवा एक साथ कैसे डूब सकते हैं. यदि यह महज दुर्घटना थी तो घटनास्थल की परिस्थितियां उससे मेल क्यों नहीं खातीं. यही कारण है कि परिवार शुरू से ही इसे सामान्य हादसा मानने को तैयार नहीं है और लगातार निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है.
एफएसएल रिपोर्ट और मोबाइल डेटा से मिले अहम सुराग : एसपी
मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने हजारीबाग पुलिस अधीक्षक अमन कुमार से मुलाकात की. इस दौरान एसपी ने स्वीकार किया कि अब तक परिवार को जांच की दिशा और प्रगति की पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पा रही थी. जिससे असंतोष बढ़ा. एसपी अमन कुमार के अनुसार रांची एफएसएल से कुछ महत्वपूर्ण रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं. इसके अलावा मृतकों और संदिग्धों के मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण भी किया गया है. जिससे कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं. पुलिस का कहना है कि अब परिवार को जांच की नियमित जानकारी दी जा रही है. इससे पहले पुलिस ने यह भी कहा था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है.
यूट्यूबर सोहेल किरमानी की गिरफ्तारी की मांग तेज
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जांच की रफ्तार बेहद धीमी है. परिवार लगातार यह सवाल उठा रहा है कि एक महीने बाद भी किसी ठोस निष्कर्ष तक पुलिस क्यों नहीं पहुंची. परिवार ने स्थानीय यूट्यूबर सोहेल किरमानी की गिरफ्तारी और उससे गहन पूछताछ की मांग तेज कर दी है. परिजनों का आरोप है कि वह पूरे मामले में संदिग्ध भूमिका रखता है और उससे कड़ाई से पूछताछ होनी चाहिए. इस संबंध में पहले भी परिवार द्वारा कई लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई गई थी.
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