Ranchi: झारखंड में इस बार मानसून के दौरान बिजली गुल होने पर अधिकारियों की खैर नहीं होगी. झारखंड राज्य ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी सह बिजली वितरण के एमडी के. श्रीनिवासन के कड़े रुख के बाद विभाग पूरी तरह मिशन मोड में आ गया है. एमडी ने चेतावनी दी है कि बारिश शुरू होने के बाद बिजली ट्रिपिंग या मेंटेनेंस के नाम पर किसी भी तरह का इफ-बट बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर बरसात में मेंटेनेंस की नौबत आई, तो इसे आदेश की अवहेलना मानकर सीधे कार्रवाई की जाएगी. इस निर्देश के बाद निदेशक (वितरण एवं परियोजना) प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने सभी कार्यपालक और सहायक अभियंताओं को पत्र जारी कर अगले 10 दिनों के भीतर युद्धस्तर’पर सारे काम निपटाने का डेडलाइन दे दी है.

तैयारी के लिए जारी एक्शन प्लान की मुख्य बातें
• अर्थिंग और पेट्रोलिंग: सभी सब-स्टेशनों के पावर ट्रांसफॉर्मरों की अर्थिंग तुरंत दुरुस्त होगी. 33 केवी और 11 केवी फीडरों की पेट्रोलिंग कर तारों को छूने वाली पेड़ों की डालियों को तुरंत काटा जाएगा.
• नो सरप्राइज शटडाउन: पेड़ों की छंटाई के लिए शटडाउन लेने से पहले उपभोक्ताओं को हर हाल में एडवांस सूचना देनी होगी.
• झूलते तारों से निजात: जहां भी तार झूलते मिलेंगे, वहां अतिरिक्त पोल लगाकर उन्हें तुरंत कसा जाएगा. इंसुलेटर और ब्रेकर जैसे जरूरी स्पेयर पार्ट्स का बैकअप एडवांस में रखने को कहा गया है.
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सुरक्षा और जिम्मेदारी तय
33 केवी फीडर के शटडाउन की जिम्मेदारी कार्यपालक अभियंता और 11 केवी की जिम्मेदारी सहायक अभियंता की होगी. लाइनमैनों के लिए सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया है. 10 दिन बाद विभाग सीधे जवाबदेही तय करेगा.
