Chaibasa: भारत सरकार की 16वीं जनगणना को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए पश्चिम सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड में तैयारियां तेज कर दी गई हैं. सोमवार को कराईकेला पंचायत भवन में जनगणना के पहले चरण के लिए तीन दिवसीय तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत हुई.
मोबाइल ऐप से होगा डेटा संग्रह
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी. अब प्रगणक घर-घर जाकर कागज के बजाय विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से जानकारी दर्ज करेंगे, जिससे डेटा की शुद्धता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी.
प्रशिक्षण में सिखाई जा रहीं तकनीकी बारीकियां
यह प्रशिक्षण चार्ज अधिकारी सदानंद होता की देखरेख में आयोजित किया जा रहा है. इसमें ट्रेनर मनोहर ओड़िया और प्रदीप महतो प्रगणकों और सुपरवाइजरों को मोबाइल ऐप चलाने, डिजिटल फॉर्म भरने और मकान सूचीकरण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं.
व्यावहारिक अभ्यास पर जोर
प्रगणकों को पहले चरण में मकानों की नंबरिंग और उनके प्रकार की जानकारी दर्ज करने का अभ्यास कराया जा रहा है, ताकि फील्ड में काम करते समय किसी तरह की परेशानी न हो.
विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे प्रतिभागी
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र में प्रखंड के अलग-अलग क्षेत्रों से आए चार्ज पदाधिकारी, सुपरवाइजर और प्रगणक शामिल हो रहे हैं.
जनगणना का व्यापक महत्व
चार्ज अधिकारी सदानंद होता ने बताया कि जनगणना के आधार पर ही विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की संख्या तथा पंचायत स्तर पर मुखिया और वार्ड सदस्यों की संख्या तय होती है, इसलिए यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है.
