राजा कंस्ट्रक्शन पर अवैध खनन का है पुराना दाग, 2023 में भी खनन विभाग नें दर्ज कराया था एफआईआर

Chatra : जिले में चर्चित 26 करोड़ रुपये के कथित खनन घोटाले को लेकर अचानक फिर से सुर्खियों के केंद्र में आई...

Chatra : जिले में चर्चित 26 करोड़ रुपये के कथित खनन घोटाले को लेकर अचानक फिर से सुर्खियों के केंद्र में आई बिहार के गया जी की मेसर्स राजा कंस्ट्रक्शन का विवादों से पुराना नाता रहा है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में भी कंपनी के विरुद्ध अवैध मिट्टी खनिज उत्खनन, परिवहन तथा सरकारी राजस्व चोरी को लेकर टंडवा थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई थी. जिला खनन कार्यालय, चतरा में पदस्थापित खान निरीक्षक राजेश हांसदा के अनुशंसा पर टंडवा थाना पुलिस उस मामले की जांच अबतक कर ही रही है. बावजूद इसके कंपनी और उसमे घोटालेबाज कर्मियों पर कार्रवाई के बजाय बहुप्रतिक्षित शिवपुर-कठौतिया रेल लाइन एवं पुल निर्माण परियोजना में वर्षों तक कंपनी की मुख्य कार्य एजेंसी इरकॉन इंटरनेशनल के संरक्षण में सक्रिय भूमिका पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है. इस बाबत खनन कार्यालय द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार टंडवा प्रखंड अंतर्गत मिश्रोल पंचायत के तत्कालीन मुखिया सुबेश राम द्वारा की गई लिखित शिकायत तथा जिला खनन पदाधिकारी के निर्देश के आलोक में खान निरीक्षक राजेश हांसदा ने विगत 28 दिसंबर 2023 को टंडवा थाना प्रभारी को पत्र सौंपकर प्राथमिकी दर्ज कराया था.

फुलवरिया एवं टेकठा गांव में राजा कंस्ट्रक्शन द्वारा किया गया था अवैध मिट्टी खनन व परिवहन

खान निरीक्षक द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में उल्लेख किया गया था कि 28 दिसंबर 2023 को खनन विभाग व प्रतिनियुक्ति पुलिस बल की संयुक्त टीम नें टंडवा थाना क्षेत्र के फुलवरिया एवं टेकठा गांव में स्थल निरीक्षण किया है. जांच के दौरान विभिन्न जीपीएस बिंदुओं पर अवैध रूप से मिट्टी खनिज के उत्खनन के प्रमाण मिले. निरीक्षण में यह भी पाया गया कि शिवपुर-कठौतिया रेल लाइन एवं पुल निर्माण कार्य के लिए आसपास की भूमि से बिना वैध खनन पट्टा के मिट्टी काटकर परियोजना कार्य में उपयोग किया जा रहा था। प्राथमिकी के अनुसार जांच के स्थल बाद फोटो और स्थानीय ग्रामीणों के बयान से स्पष्ट हुआ था कि रेल निर्माण कार्य में लगी इरकॉन इंटरनेशनल की पेटी कॉन्ट्रैक्ट कंपनी राजा कंस्ट्रक्शन के द्वारा यह अवैध कार्य किया जा रहा है. जिसका देखरेख एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर अविनाश कुमार सिंह कर रहे हैं.

मुखिया और ग्रामीणों ने पत्राचार कर लगाया था गंभीर आरोप?

खनन विभाग द्वारा दर्ज प्राथमिकी में उल्लेख किया गया था कि शिकायतकर्ता मुखिया सुबेश राम एवं स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ के दौरान बताया गया कि मेसर्स राजा कंस्ट्रक्शन द्वारा रेल लाइन एवं पुल निर्माण कार्य कराया जा रहा है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अविनाश कुमार सिंह की देखरेख में आसपास की भूमि से अवैध रूप से मिट्टी खनिज का उत्खनन कराया जा रहा था. जांच के दौरान फुलवरिया गांव निवासी अजय कुमार सिंह ने भी विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी थी कि निर्माण कार्य के लिए स्थानीय स्तर पर मिट्टी की कटाई की जा रही है. हालांकि विभाग द्वारा लिखित बयान मांगे जाने पर उन्होंने लिखित बयान देने से इंकार कर दिया था.

किसी को नहीं मिला था मिट्टी खनन पट्टा

खनन निरीक्षक राजेश हांसदा ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा था कि टंडवा अंचल अंतर्गत फुलवरिया एवं टेकठा गांव में किसी भी व्यक्ति अथवा रैयत को मिट्टी खनिज उत्खनन के लिए वैध खनन पट्टा स्वीकृत नहीं किया गया था. इसके बावजूद निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर मिट्टी का उपयोग किया जा रहा था. विभागीय रिपोर्ट के अनुसार इस अवैध खनन व परिवहन से राजस्व की चोरी में संबंधित रैयतों एवं निर्माण एजेंसी की संलिप्तता पर भी गंभीर सवाल खड़े किये गए थे.

एजेंसी, प्रोजेक्ट मैनेजर व अवैध उत्खनन में संलिप्त अज्ञात रैयतों के विरुद्ध हुई थी प्राथमिकी

टंडवा थाना में दर्ज एफआईआर में खान निरीक्षक राजेश हांसदा ने कहा था कि जांच के दौरान फुलवरिया एवं टेकठा गांव में बिना किसी स्वीकृत खनन पट्टा के मिट्टी खनिज का उत्खनन व परिवहन किया गया। उत्खनित मिट्टी का उपयोग शिवपुर-कठौतिया रेल लाइन एवं पुल निर्माण कार्य में किया गया, जिससे सरकारी राजस्व की क्षति हुई. उन्होंने संबंधित एजेंसी, उसके जिम्मेदार पदाधिकारियों तथा अवैध उत्खनन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया था. कहा गया था कि एजेंसी व रैयतों के मिलीभगत से किया जा रहा यह कृत्य खनिज एवं खनन विकास विनियमन अधिनियम, 1957 (MMDR Act) की धारा 4 का उल्लंघन तथा धारा 21 के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. इसके अलावा खनन निरीक्षक के प्राथमिकी पत्र में झारखंड मिनरल्स (प्रिवेंशन ऑफ इल्लीगल माइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन एंड स्टोरेज) रूल्स-2017 तथा झारखंड माइनर मिनरल कंसेशन नियमावली के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन का भी उल्लेख किया गया था. विभाग ने इसे सरकारी खनिज एवं राजस्व चोरी का मामला भी माना था।जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर टंडवा थाना पुलिस कार्रवाई कर रही है.

फिर खड़े हो रहे हैं पुराने सवाल?

वर्तमान में 26 करोड़ रुपये के कथित खनन घोटाले को लेकर राजा कंस्ट्रक्शन एक बार फिर चर्चा में है. ऐसे में वर्ष 2023 में दर्ज कराई गई अवैध मिट्टी खनीज उत्खनन व परिवहन की प्राथमिकी और विभागीय जांच रिपोर्ट ने कई पुराने सवालों को फिर जीवित कर दिया है. सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब कंपनी पर पूर्व से अवैध खनन और राजस्व चोरी जैसे गंभीर आरोप लग चुके थे, तब भी उसे महत्वपूर्ण रेल परियोजना में लगातार काम करने का अवसर कैसे मिलता रहा? ऐसे में जिले में अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग तूल पकड़ने लगी है. विपक्षी दलों के साथ-साथ स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यदि पूर्व में दर्ज मामलों और शिकायतों पर समय रहते कठोर कार्रवाई हुई होती, तो आज करोड़ों रुपये के कथित खनन घोटाले जैसे आरोपों की नौबत शायद नहीं आती. बहरहाल अब देखना दिलचष्प होगा कि सदर थाना पुलिस इस पूरे मामले में आरोपी राजा कंस्ट्रक्शन और उसके प्रोजेक्ट मैनेजर अविनाश कुमार के विरुद्ध क्या सख्त कदम उठाती है?

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