Ranchi: झारखंड में राज्यसभा की खाली हो रही सीटों को लेकर सियासी बिसात बिछ चुकी है, लेकिन गठबंधन के भीतर शह और मात का खेल अभी बाकी है. नगर विकास मंत्री और जेएमएम के वरिष्ठ नेता सुदिव्य सोनू ने चुनाव को लेकर जारी गहमागहमी के बीच बड़ा बयान देकर सूबे की सियासत को गरमा दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि आठ जून को नामांकन की आखिरी तारीख है, इसलिए किसी भी दल को अधीर होने की जरूरत नहीं है. बीजेपी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि छह जून को उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष भी झारखंड आ रहे हैं, जिससे साफ है कि हड़बड़ी किसी को नहीं है और सभी दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं.
गठबंधन में जेएमएम ही बॉस
सुदिव्य सोनू ने बातों-बातों में सहयोगी दलों को गठबंधन के भीतर का पॉवर बैलेंस भी याद दिला दिया. एक सीट पर कांग्रेस के दावों को सधे अंदाज में खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि दावा भले ही कांग्रेस का हो, लेकिन अंतिम फैसला झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के केंद्रीय नेतृत्व को ही करना है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि बातचीत के दायरे में राजद भी शामिल रहेगी, लेकिन जेएमएम कार्यकर्ताओं की पुरजोर मांग है कि दोनों सीटों पर झामुमो के ही उम्मीदवार उतरें. सोनू ने कार्यकर्ताओं की भावना का समर्थन करते हुए याद दिलाया कि पिछली बार भी पार्टी ने एक जमीनी कार्यकर्ता को राज्यसभा भेजा था.

अतीत का आईना और सस्पेंस
राजद को उनकी राजनीतिक हैसियत याद दिलाते हुए सोनू ने एक पुराना वाकया भी छेड़ दिया. उन्होंने कहा कि एक दौर वह भी था जब महज पांच विधायकों वाली राजद के कोटे से प्रेमचंद गुप्ता राज्यसभा गए थे. ऐसे में समीकरण और त्याग की परिभाषा वक्त के हिसाब से बदलती है. फिलहाल, गठबंधन में दावों और उम्मीदों का दौर जारी है. सुदिव्य सोनू के इस बयान ने साफ कर दिया है कि ड्राइविंग सीट पर जेएमएम ही रहेगी. अब देखना दिलचस्प होगा कि आठ जून से पहले किसकी उम्मीदें परवान चढ़ती हैं.
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