Ranchi: झारखंड राज्यसभा चुनाव की काउंटिंग के बीच एक ऐसा सियासी भूचाल आया है जिसने जीत-हार के सारे पुराने समीकरणों को ताश के पत्तों की तरह बिखेर कर रख दिया है. दो दिनों तक चले मैराथन मॉक पोल’ और कड़ी ट्रेनिंग के बावजूद, काउंटिंग टेबल पर तीन विधायकों के वोट इनवैलिड (रद्द) पाए गए हैं. इस बड़े उलटफेर के बाद अब चुनाव का नतीजा बेहद रोमांचक और अप्रत्याशित मोड़ पर पहुंच गया है.
मॉक पोल भी नहीं आया काम, काउंटिंग रूम में सस्पेंस:
हैरानी की बात यह है कि सभी राजनीतिक दलों ने अपने विधायकों को वोटिंग की बारीकियां समझाने के लिए लगातार दो दिनों तक मॉक पोल कराया था. इसके बावजूद तीन माननीय सही तरीके से बैलेट पेपर पर अपनी प्राथमिकता दर्ज नहीं कर पाए. कैबिनेट मंत्री राधा कृष्ण किशोर और मिथिलेश ठाकुर ने आधिकारिक तौर पर तीन वोट रद्द होने की पुष्टि की है. हालांकि, चुनाव आयोग और काउंटिंग अधिकारियों की ओर से अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि ये ‘क्रॉस’ या गलत तरीके से डाले गए वोट किस दल के विधायकों के हैं. इसी सस्पेंस ने दोनों ही खेमों की धड़कनें बढ़ा दी हैं.
बदल सकता है जीत का समीकरण:
झारखंड की सियासत में एक-एक वोट की कीमत कितनी बड़ी है, यह किसी से छुपा नहीं है. अब जब तीन वोट रेस से बाहर हो चुके हैं, तो जीत के लिए जरूरी ‘जादुई आंकड़े’ (कोटा) का गणित भी पूरी तरह बदल गया है। फिलहाल काउंटिंग की प्रक्रिया जारी है और हर राउंड के साथ सस्पेंस गहराता जा रहा है। देखना दिलचस्प होगा कि इन तीन ‘इनवैलिड’ वोटों की कीमत किस दल को अपनी हार से चुकानी पड़ती है.



