रामगढ़: जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रयासों से सोमवार को रामगढ़ में एक भावुक और प्रेरणादायी अध्याय लिखा गया. बालिका गृह में रह रही एक 12 वर्षीय बच्ची को न केवल नया परिवार मिला, बल्कि उसके जीवन में सुनहरे भविष्य की एक नई किरण भी जागी है. इटली से आए एक दंपती ने तमाम कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इस बालिका को अपनी बेटी के रूप में स्वीकार किया.
सात समंदर पार से मिला माता-पिता का प्यार:
रामगढ़ के टायर मोड़ स्थित गैर-सरकारी संस्था डिवाइन ओंकार मिशन द्वारा संचालित बालिका गृह में रह रही इस बच्ची को इटली निवासी क्लाउडिया पेद्रिनी और उनकी पत्नी डोमिंगा सेल्विनी ने गोद लिया है.विदेशी दंपती लंबे समय से इस प्रक्रिया से जुड़े थे और सोमवार को वह पल आया जब उन्होंने कानूनी तौर पर बच्ची को अपने संरक्षण में लिया.

डीसी ने सौंपी जिम्मेदारी, उज्ज्वल भविष्य की दी शुभकामनाएं:
इस गौरवपूर्ण अवसर पर रामगढ़ के डीसी फैज अक अहमद मुमताज स्वयं उपस्थित रहे. उन्होंने बच्ची को आधिकारिक रूप से इतालवी दंपती को सौंपा. डीसी ने दंपती और बालिका से आत्मीय बातचीत की और उनके सुखद भविष्य की कामना की. डीसी ने इस मौके पर कहा, अडॉप्शन केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक बच्चे को नई पहचान और उम्मीद देने का माध्यम है. जिला प्रशासन बच्चों के अधिकारों और उनके सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. जिन बच्चों को अपनों का स्नेह नहीं मिल पाता, उनके लिए यह प्रक्रिया शिक्षा और सुरक्षा की एक मजबूत आधारशिला है.
