Ranchi: राज्य में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने महत्वपूर्ण पहल की है. NHM के मैटरनल हेल्थ सेल की ओर से हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान, समय पर उपचार और प्रभावी प्रबंधन को लेकर राज्य स्तरीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण (Training of Trainers) का आयोजन किया गया.
दो चरणों में हुआ प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण रांची के होटल रॉयल्सन में दो चरणों में आयोजित किया गया. पहला चरण 13 से 15 जुलाई तथा दूसरा चरण 21 से 23 जुलाई 2026 तक चला, कार्यक्रम का उद्घाटन NHM के अभियान निदेशक शशिप्रकाश झा, डायरेक्टर इन चीफ डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, मैटरनल हेल्थ सेल की स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. पुष्पा और IEC के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. राहुल किशोर सिंह ने किया.
हाई-रिस्क गर्भावस्था की पहचान पर विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की समय रहते पहचान, उचित उपचार, आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रेफरल और गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी. साथ ही प्रसव पूर्व जांच (ANC) को और अधिक प्रभावी बनाने तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई.
24 जिलों के 66 स्वास्थ्य अधिकारियों ने लिया भाग
इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में झारखंड के सभी 24 जिलों से कुल 66 स्वास्थ्य अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया. प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये सभी अपने-अपने जिलों में मास्टर ट्रेनर के रूप में अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे, ताकि राज्यभर में हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान सुनिश्चित हो सके और उन्हें बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें.
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