रांची: फाइनेंस के डर से कार पर लगा दिया बाइक का नंबर, पुलिस ने आरोपी को पकड़ा

Ranchi : चुटिया थाना क्षेत्र में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बेधड़क गाड़ियां दौड़ाने वाले एक गंभीर और चौंकाने वाले मामले का भंडाफोड़...

Ranchi : चुटिया थाना क्षेत्र में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बेधड़क गाड़ियां दौड़ाने वाले एक गंभीर और चौंकाने वाले मामले का भंडाफोड़ हुआ है. यातायात व्यवस्था की धज्जियां उड़ाकर अवैध तरीके से वाहन चलाने और इसके जरिए किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की साजिश का पुलिस ने समय रहते पर्दाफाश कर दिया है. इस मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी मोहम्मद अमजद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.

गुरुनानक अस्पताल के पास नो-पार्किंग से खुला राज

घटना तीन जून की शाम करीब 4:30 बजे की है. पटेल चौक पर तैनात यातायात पुलिस के सहायक अवर निरीक्षक दामोदर कुमार राय स्टेशन रोड स्थित गुरुनानक अस्पताल के सामने चेकिंग और यातायात संचालन का जिम्मा संभाल रहे थे. इसी दौरान उनकी नजर अवैध पार्किंग (नो-पार्किंग) में खड़ी एक संदिग्ध स्विफ्ट कार पर पड़ी, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर JH01EB-5180 था.

जब ASI दामोदर कुमार राय ने नियम उल्लंघन के लिए चालान काटने के उद्देश्य से अपने डिजिटल डिवाइस में इस गाड़ी का नंबर दर्ज कर सर्च किया, तो स्क्रीन पर आए विवरण को देखकर उनके होश उड़ गए. डिजिटल रिकॉर्ड के अनुसार, जिस नंबर प्लेट को स्विफ्ट कार पर लगाया गया था, वह असल में सुरेश सिंह के नाम पर पंजीकृत एक हीरो ग्लैमर’ मोटरसाइकिल की थी. यानी कार पर बाइक का फर्जी नंबर लगाकर कानून की आंखें में धूल झोंकी जा रही थी. ट्रैफिक पुलिस की मुस्तैदी से कार पर मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट लगाकर घूमने का यह शातिराना खेल पकड़ा गया.

फाइनेंस के डर से कार पर लगा दिया बाइक का नंबर

​इस संबंध में चुटिया थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर पूनम कुजूर ने बताया कि स्विफ्ट कार में फर्जी तरीके से बाइक का नंबर लगाकर चलाया जा रहा था. पूछताछ के दौरान आरोपी कार चालक अमजद ने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला है. चालक ने पुलिस को बताया कि कार की फाइनेंस कंपनी की कई किश्तें बाकी थीं. डर था कि फाइनेंस कंपनी वाले गाड़ी को जब्त कर लेंगे. इसी जब्ती के डर से बचने के लिए अमजद ने अपनी कार पर मोटरसाइकिल का फर्जी नंबर लगा दिया था. थाना प्रभारी पूनम कुजूर के अनुसार, आरोपी अमजद पुलिस के सामने कार का कोई भी वैध कागजात (R.C. या इंश्योरेंस) प्रस्तुत नहीं कर सका. कार चालक का कहना है कि यह कार किसी दूसरे के नाम पर ली गई थी. कागजात न होने के कारण अब पुलिस को इस बात का गहरा शक है कि कहीं यह कार चोरी की तो नहीं है? पुलिस अब इस बिंदु पर भी कड़ाई से जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई और बड़ा आपराधिक सिंडिकेट तो काम नहीं कर रहा था. फिलहाल, आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में कबूली सच

धोखाधड़ी का पता चलते ही ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की. जब मौके पर कार के चालक के बारे में पूछताछ की गई, तो वहां मौजूद मोहम्मद अमजद (उम्र करीब 40 वर्ष, पिता- शाकिर हुसैन, निवासी- अलकमार कॉलोनी, कमड़े, रातू, रांची) ने खुद को गाड़ी का मालिक बताया. मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस की लिखित शिकायत पर चुटिया थाना में तुरंत प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया.

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