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रांची: शहर के लोगों ने 100 करोड़ का होल्डिंग टैक्स दिया, जब जर्जर सड़क-नाले को बनाने की बात आई तो फंड का रोना रोने लगा नगर निगम

मानसून की बारिश ने रफ्तार पकड़ी तो जलजमाव और सड़क पर कीचड़ से होगा सामना, हाईकोर्ट का आदेश भी काम नहीं आया...

  • मानसून की बारिश ने रफ्तार पकड़ी तो जलजमाव और सड़क पर कीचड़ से होगा सामना, हाईकोर्ट का आदेश भी काम नहीं आया

Ranchi : झारखंड में मानसून का प्रवेश 12 जून को हो गया है. पिछले 10 दिनों के दौरान रुक-रुक कर पांच दिन बारिश हुई है. एक से दो घंटे की बारिश में ही पूरा शहर बदहाल हो जा रहा है. मुख्य सड़कों से लेकर मुहल्लों की सड़कें भी जलमग्न हो जा रही है. क्योंकि, कहीं पाइप बिछाने के लिए गड्ढ़ा करके छोड़ दिया तो कहीं वर्षों से सड़क की मरम्मत नहीं हुई. कहीं कच्ची सड़क है तो कहीं नाला ही नहीं है. इस वजह से हल्की बारिश में ही पूरे शहर में जलजमाव हो रहा है. यह स्थिति तब है जब रांची के 53 वार्डों के लोगों ने होल्डिंग टैक्स के रूप में पिछले वर्ष नगर निगम को 100 करोड़ रुपए दे दिया. आम लोग दिल खोलकर निगम को टैक्स दे रहे हैं, लेकिन निगम की ओर से लोगों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही है, क्योंकि, अब निगम फंड का रोना रो रहा है. रांची की मेयर रोशनी खलखो ने कहा है कि सड़क-नाली मद में सरकार से पैसे नहीं मिले हैं. इस वजह से काम नहीं हो रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सरकार से मिलने वाले फंड के भरोसे शहर का विकास कैसे होगा. जबकि, दूसरी ओर नगर निगम आए दिन नई-नई मशीनों की खरीदारी पर करोड़ों रुपए खर्च कर रहा है.

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इन सड़कों का खस्ताहाल

डोरंडा-हिनू रोड

डोरंड से हिनू जाने वाली रोड को पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया है. इंदिरा पैलेस तक सड़क काटी गई है. पाइपलाइन बिछाने के लिए तीन माह पहले सड़क को बीच में काटा गया था. पाइप डालने के बाद गड्ढे में डस्ट भरा गया था. लेकिन बारिश में डस्ट धुल गया. अब गड्ढा साफ दिख रहा है, जो वाहन सवारों के लिए खतरनाक हो गया है. आए दिन दुर्घटना हो रही है. इस रोड में पिछले दो माह में गड्ढ़े की वजह से कई वाहन सवार गिरकर घायल हो चुके हैं.

करमटोली-बोड़ेया रोड

करमटोली से बोड़ेया जाने वाली सड़क लंबे समय से बदहाल है. पिछले एक साल से इस रोड से गुजरने वाले वाहन सवार और स्थानीय लोग काफी परेशान हैं. क्योंकि, इस सड़क को सीवर लाइन, जलापूर्ति पाइपलाइन और पीएनजी गैस पाइपलाइन के लिए कई बार खोदा गया. तीन बार इस सड़क के गड्ढ़े को भरा गया फिर भी स्थिति काफी खराब है. मानसून शुरू होने के साथ इस सड़क से गुजरना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि इतने गड्ढ़े हैं कि उसे गिना भी नहीं जा सकता. ऐसे में वाहन सवार दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं.

सेवा सदन रोड

अपर बाजार के सेवा सदन रोड में जलजमाव लाइलाज बन गया है, क्योंकि, पिछले एक दशक से यह रोड मानसून में तालाब बन जाता है. बड़ा तालाब किनारे की इस सड़क की स्थिति यह है कि यहां से गुजरने के लिए लोगों को पहले से योजना बनानी पड़ती है. हालात ऐसे हैं कि एक घंटे की बारिश में घर, दुकान से लेकर मंदिरों में भी नाले का गंदा पानी प्रवेश कर जाता है. सबसे बड़ी बात है कि इस रोड में जल जमाव दूर करने के लिए हाईकोर्ट कई बार आदेश दे चुका है. इसके बावजूद नगर निगम की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है.

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