Newswave Desk: इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने दूरसंचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल सेवाओं, ऊर्जा और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई बड़े ऐलान किए. बैठक में सबसे अधिक चर्चा जियो एप्स , एआई रणनीति और देश के लिए विशाल एआई डेटा सेंटर नेटवर्क को लेकर रही. बैठक में घोषणा की गई कि जियो प्लेटफॉर्म्स के एप्स के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) को मंजूरी दे दी गई है और इसे भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास दाखिल किया जा रहा है. यह भारत के सबसे बड़े एप्स में से एक हो सकता है.
रिलायंस इंटेलिजेंस के जरिए AI पर बड़ा दांव
रिलायंस ने अपनी नई AI पहल “रिलायंस इंटेलिजेंस” को क्रियान्वयन चरण में पहुंचाने का ऐलान किया. कंपनी का लक्ष्य भारत के लिए स्वदेशी एआई इकोसिस्टम तैयार करना है, जो 22 भारतीय भाषाओं में सेवाएं उपलब्ध कराएगा.
मायजियो बनेगा पर्सनल AI असिस्टेंट
कंपनी ने बताया कि मायजियो ऐप को भविष्य में एक व्यक्तिगत एआई सहायक के रूप में विकसित किया जाएगा. यह उपयोगकर्ताओं की जरूरतों को समझकर जानकारी देने, सेवाएं उपलब्ध कराने और विभिन्न डिजिटल कार्यों में मदद करेगा.
फोन कॉल में भी मिलेगा AI का साथ
जियो नेटवर्क में सीधे एआई तकनीक को शामिल किया जाएगा. कंपनी के अनुसार यह तकनीक फोन कॉल का ट्रांसक्रिप्शन तैयार कर सकेगी, अलग-अलग वक्ताओं की पहचान कर सकेगी, बातचीत का सारांश बना सकेगी और कॉल के दौरान तय हुए कार्यों जैसे बैठक तय करना या भोजन ऑर्डर करना भी संभव बनाएगी.
जामनगर में बनेंगे विशाल AI डेटा सेंटर
रिलायंस ने जामनगर में गीगावॉट क्षमता वाले एआई-रेडी डेटा सेंटर विकसित करने की योजना का विस्तार से उल्लेख किया. ये डेटा सेंटर हरित ऊर्जा से संचालित होंगे और एआई प्रशिक्षण तथा एआई सेवाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर का बुनियादी ढांचा तैयार करेंगे. कंपनी के अनुसार इस परियोजना पर काम शुरू हो चुका है.
सैटेलाइट कनेक्टिविटी और नई डिजिटल सेवाओं पर फोकस
एजीएम में सैटेलाइट आधारित संचार सेवाओं, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म और नई एआई आधारित कंटेंट क्रिएशन सेवाओं की भी घोषणा की गई. कंपनी ने भविष्य की कनेक्टिविटी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अंतरिक्ष और डिजिटल अवसंरचना क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की बात कही.
ऊर्जा और हरित परियोजनाओं पर भी जोर
रिलायंस ने कच्छ नवीकरणीय ऊर्जा हब, बैटरी निर्माण, सौर ऊर्जा उत्पादन, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी भी दी. कंपनी का लक्ष्य आने वाले वर्षों में लाखों रोजगार सृजित करना और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर पहचान बनाना है.
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ी योजनाएं
बैठक में 410 एकड़ में विकसित किए जा रहे विश्वविद्यालय, उन्नत चिकित्सा सुविधाओं और बड़े स्वास्थ्य परियोजनाओं की भी जानकारी साझा की गई. कंपनी का कहना है कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देना है. रिलायंस एजीएम 2026 का मुख्य फोकस जियो आईपीओ, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वदेशी एआई डेटा सेंटर, डिजिटल सेवाओं का विस्तार और हरित ऊर्जा परियोजनाओं पर रहा. कंपनी ने साफ संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में उसका सबसे बड़ा दांव एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा.
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