सरायकेला ब्रेकिंग: चांडिल में गजराज का तांडव, मिड-डे मील चावल खाया,फसल और दुकान तबाह

Saraikela: चांडिल वन क्षेत्र के अंतर्गत रूसुनिया पंचायत के तिरुलडीह गांव में बीती रात एक टस्कर गजराज ने जमकर उत्पात मचाया.हाथी ने...

Saraikela: चांडिल वन क्षेत्र के अंतर्गत रूसुनिया पंचायत के तिरुलडीह गांव में बीती रात एक टस्कर गजराज ने जमकर उत्पात मचाया.हाथी ने नव प्राथमिक विद्यालय में रखे मिड-डे मील के करीब डेढ़ क्विंटल चावल को अपना निवाला बना लिया. इसके बाद बाना गांव के तारणि महतो के केले के बागान में घुसकर केला, कांदी और लौकी को खाकर नष्ट कर दिया.

तिरुलडीह गांव के किसान कालीपद कुम्हार ने बताया कि सुबह करीब दो बजे विशाल टस्कर गजराज उनके घर के पास से गुजरते हुए खीरा की खेती को रौंद गया. खीरा के पौधों में फूल निकल रहे थे और पूरी फसल बर्बाद हो गई.
चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में विगत आठ वर्षों से हाथियों का झुंड डेरा डाले हुए है. शाम ढलते ही हाथियों का झुंड भोजन और पानी की तलाश में गांवों में प्रवेश कर जाता है और घरों को निशाना बनाता है. घरों में रखे अनाज को अपना निवाला बना लेता है.

मानव और गजराजों के बीच संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं.कई परिवार हाथियों के डर से बेघर हो चुके हैं. रात होते ही ग्रामीण दहशत में जीने को मजबूर हैं. टॉर्च और मशाल लेकर रातभर पहरा देना पड़ रहा है.

दो साल में 8 हाथियों की मौत, फिर भी बेपरवाह विभाग

हैरानी की बात है कि पिछले दो वर्षों में आठ जंगली हाथियों की मौत हो चुकी है, बावजूद इसके वन विभाग की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं. 10 जून 2023 को नीमडीह प्रखंड के गुंडा बिहार में दो माह के एक हाथी के बच्चे की मौत हुई थी. वहीं 9 मई 2024 को कुकड़ू प्रखंड के लेटेमदा में रेलवे ट्रैक पर एक हाथी की मौत हो गई थी.

ग्रामीणों का कहना है कि दलमा सेंचुरी से पलायन कर हाथी ईचागढ़-चांडिल क्षेत्र में आकर बस गए हैं. जंगल में भोजन और पानी की कमी, साथ ही अवैध महुआ भट्ठियों के जावा खाने से हाथियों का व्यवहार बदल गया है. ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने और फसल व घर की क्षति का मुआवजा देने की मांग की है.

गजराज का आतंक जारी, रावताड़ा में राशन दुकान तोड़ी

चांडिल अनुमंडल में गजराज का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामले में तिरुलडीह में स्कूल का चावल खाने के बाद हाथी ने रावताड़ा गांव में वृंदावन महतो की राशन दुकान को निशाना बनाया.
मंगलवार देर रात हाथी रावताड़ा गांव पहुंचा और पीडीएस राशन दुकान का फाटक तोड़ दिया. आवाज सुनकर आसपास के लोग जाग गए और शोर मचाया, जिसके बाद हाथी दुकान में रखे अनाज को नुकसान पहुंचाकर बाना जंगल की ओर चला गया.

लगातार दो दिनों से हाथियों के गांवों में घुसने से रूसुनिया पंचायत के तिरुलडीह, बाना और रावताड़ा गांवों के ग्रामीण दहशत में हैं. ग्रामीणों का कहना है कि हाथी अब स्कूल, घर के बाद दुकानों को भी निशाना बना रहा है. अनाज की गंध से आकर्षित होकर वह सीधे दुकानों और घरों पर हमला कर रहा है.

सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम बुधवार सुबह रावताड़ा पहुंची और नुकसान का जायजा लिया. डीलर वृंदावन महतो ने बताया कि फाटक टूटने से दुकान में रखा चावल और गेहूं बिखर गया. नुकसान का आकलन किया जा रहा है. ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को जंगल में रोकने के लिए ठोस कदम उठाने, रात में गश्ती बढ़ाने और प्रभावित लोगों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है.

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