Saraikela : जिले के कपाली ओपी क्षेत्र से पुलिसिया बर्बरता का एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है. जिसने पूरे प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है. आरोप है कि कांदरबेड़ा पुनर्वास कॉलोनी की रहने वाली एक आदिवासी युवती, अल्पना माहली को 15 जून को पुलिस ने फोन कर पूछताछ के बहाने कपाली ओपी बुलाया.
पीड़िता के अनुसार, उसकी एक सहेली पिछले कुछ दिनों से लापता थी. इसी सिलसिले में पुलिस उससे जानकारी चाहती थी, लेकिन सहयोग करने पहुंची इस आदिवासी युवती को कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार के कमरे में ले जाया गया. वहां पूछताछ के नाम पर मर्यादा और कानून की सारी हदें पार कर दी गईं.

पुलिसकर्मियों ने भी की मारपीट, पीड़िता की हालत नाजुक
सोशल मीडिया पर विजय सोय नाम के व्यक्ति ने पोस्ट करते हुए कहा है कि कि बंद कमरे में कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार और अन्य पुरुष पुलिसकर्मियों ने उस पर बेरहमी से लाठियां और हाथ बरसाए. करीब तीन घंटे तक उसे बंधक जैसी स्थिति में रखकर प्रताड़ित किया गया. इस बर्बर पिटाई के कारण अल्पना की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है. उसके शरीर पर चोट के गहरे निशान हैं. इस मामले को लेकर स्थानीय जनता और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है. आम जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर थाने में बैठे इन पुलिसवालों को यह अधिकार किसने दिया कि वे एक बेकसूर आदिवासी लड़की को इस कदर अधमरा कर दें. चंद पैसों और रसूखदारों को बचाने के लिए पुलिस प्रशासन का ऐसा चेहरा बेहद शर्मनाक है. पीड़िता के परिवार और प्रबुद्ध नागरिकों ने एसपी और डीसी से इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेने की गुहार लगाई है.
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