Saraikela : बीते दिनों राजनगर अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत की घटना के बाद सरायकेला जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है, जिला उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह के निर्देश पर बुधवार को कुकड़ू के बीडीओ राजश्री ललिता बाखला और प्रभारी अंचल अधिकारी अभय कुमार द्विवेदी ने तिरुलडीह प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया.
मानव संसाधन और दवाइयों का लिया जायजा:

प्रभारी अंचल अधिकारी अभय कुमार द्विवेदी ने बताया कि तिरुलडीह प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र का बारीकी से निरीक्षण किया गया, इस दौरान मानव संसाधन के साथ-साथ उपलब्ध सेवा, मशीनरी एवं दवाइयों का भी जायजा लिया गया, निरीक्षण में पाया गया कि केंद्र में डॉक्टर, जेनरेटर और एक्सरे मशीन ऑपरेटर का अभाव है, उन्होंने कहा कि इसकी रिपोर्ट तैयार कर जिला को सौंपी जाएगी, बीडीओ राजश्री ललिता बाखला ने बताया कि केंद्र के अभिलेखों का भी निरीक्षण किया गया, उन्होंने कहा कि यहां प्रति माह लगभग 30-40 माताओं का प्रसव होता है, इतनी बड़ी संख्या में प्रसव के बावजूद PHC में एक भी स्थायी डॉक्टर पदस्थापित नहीं है, ANM और स्वास्थ्य कर्मियों के भरोसे ही प्रसव कराए जा रहे हैं.
बुनियादी सुविधाओं की कमी:
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि केंद्र में जेनरेटर नहीं होने से बिजली कटौती में परेशानी होती है, एक्सरे मशीन तो है, लेकिन ऑपरेटर नहीं होने से धूल फांक रही है, जरूरी दवाइयों का स्टॉक भी पर्याप्त नहीं मिला.
DC को भेजी जाएगी रिपोर्ट:
दोनों अधिकारियों ने कहा कि निरीक्षण रिपोर्ट जिला उपायुक्त को सौंपी जाएगी, डॉक्टरों की पदस्थापना, जेनरेटर और एक्सरे ऑपरेटर की व्यवस्था के लिए अनुशंसा की जाएगी, राजनगर जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी PHC और उप स्वास्थ्य केंद्रों की मॉनिटरिंग की जा रही है.
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