Seraikela: जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं और विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई.
कम उपस्थिति पर प्रधानाध्यापक और अधिकारियों की जवाबदेही
उपायुक्त ने सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों की अनावश्यक अनुपस्थिति के लिए संबंधित प्रधानाध्यापक, शिक्षक और प्रखंड स्तरीय क्षेत्रीय पदाधिकारी जिम्मेदार होंगे. जिन विद्यालयों में लगातार कम उपस्थिति मिलेगी, वहां कारण बताओ नोटिस जारी करने और आवश्यकतानुसार वेतन निकासी पर रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी.
बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर मिलेगा वेतन
बैठक में शिक्षकों की शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया. जून माह की समीक्षा में जिन शिक्षकों की उपस्थिति निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली, उनके विरुद्ध वेतन कटौती करने तथा बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
बीआरपी-सीआरपी को नियमित स्कूल निरीक्षण का आदेश
उपायुक्त ने बीईईओ, बीआरपी, सीआरपी और अन्य क्षेत्रीय पदाधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पठन-पाठन, पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, खेल सामग्री, मध्यान्ह भोजन और अन्य आधारभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए. निर्धारित अवधि में निरीक्षण नहीं करने वाले बीआरपी और सीआरपी के विरुद्ध भी वेतन कटौती की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए.
पीएम श्री विद्यालयों और आधारभूत सुविधाओं की हुई समीक्षा
बैठक में पीएम श्री विद्यालयों के लिए प्राप्त आवंटन, खरीदी गई सामग्रियों की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के जन्म प्रमाण-पत्र, आधार पंजीकरण और बैंक खातों की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके.
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नैतिक मूल्यों पर दिया जोर
उपायुक्त ने कहा कि विद्यालयों में खेल-खेल में सीखने की पद्धति अपनाई जाए तथा विद्यार्थियों में अनुशासन, स्वच्छता, नैतिक मूल्य, अच्छे व्यवहार और जीवन कौशल विकसित करने वाली गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जाए. उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
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