Pakur: पाकुड़ डीसी मनीष कुमार ने “स्कूल रुआर 2026 (फिर से स्कूल चलें हम)” अभियान को लेकर जिलेवासियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों से व्यापक सहयोग की अपील की है. उन्होंने कहा कि यह अभियान पूरे झारखंड में संचालित किया जा रहा है और पाकुड़ जिले में इसे मिशन मोड में लागू किया जा रहा है.
ड्रॉपआउट और आंगनबाड़ी से पासआउट बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन पर जोर
उपायुक्त ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों को विद्यालय से जोड़ना है, जो किसी कारणवश स्कूल नहीं जा रहे हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं. साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों से पासआउट बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता है.
घर-घर जाकर चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा “सिटी बजाओ अभियान 2.0” के तहत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं और लोगों को बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. साथ ही समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है.
सरकारी विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं और गतिविधियां उपलब्ध
उपायुक्त ने कहा कि जिले के सरकारी विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधारभूत सुविधाएं और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां राज्य सरकार के निर्देशानुसार उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके.
बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए नियमित स्कूल भेजने की अपील
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं. शिक्षा ही वह माध्यम है जो बच्चों को बेहतर जीवन की दिशा दे सकती है.
पाकुड़ को एजुकेशन हब बनाने का लक्ष्य
उपायुक्त ने जिलेवासियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर इस अभियान को सफल बनाएं, ताकि पाकुड़ को एक सशक्त “एजुकेशन हब” के रूप में विकसित किया जा सके.
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