मानवता की सेवा, मानसिक रोगियों के लिए उम्मीद की किरण बने रविंद्र मंडल

Chakradharpur: चक्रधरपुर- नर सेवा ही नारायण सेवा है, इस उक्ति को चरितार्थ कर रहे हैं राष्ट्रीय सुंडी समाज के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र...

Chakradharpur: चक्रधरपुर- नर सेवा ही नारायण सेवा है, इस उक्ति को चरितार्थ कर रहे हैं राष्ट्रीय सुंडी समाज के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र मंडल. समाज सेवा की अपनी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए, उन्होंने एक और पीड़ित परिवार की मदद का बीड़ा उठाया है.

 गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रहे प्रधान हेंब्रम

सरायकेला खरसावां जिला अंतर्गत कोलेबीरा के तिरीलडीह गांव निवासी प्रधान हेंब्रम पिछले दो-तीन वर्षों से गंभीर मानसिक अस्वस्थता से जूझ रहे हैं. उनकी स्थिति को देखते हुए उनके परिवार ने रविंद्र मंडल से संपर्क कर सहायता की गुहार लगाई.

 बेहतर इलाज के लिए रिनपास भेजने की पहल

परिवार की व्यथा सुनकर रविंद्र मंडल ने तुरंत उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिनपास रांची ले जाने का निर्णय लिया है.

 पहले भी कई मरीजों को मिल चुकी नई जिंदगी

यह पहली बार नहीं है जब रविंद्र मंडल किसी मानसिक रोगी की मदद के लिए आगे आए हैं. इससे पूर्व भी वे गम्हरिया प्रखंड और आसपास के क्षेत्रों के लगभग 12 से 15 मानसिक रोगियों का सफल इलाज करा चुके हैं. उनके प्रयासों से आज वे सभी व्यक्ति स्वस्थ होकर एक सामान्य और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं.

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 समाज सेवा ही जीवन का उद्देश्य

रविंद मंडल ने कहा कि मेरे जीवन का उद्देश्य केवल समाज का नेतृत्व करना नहीं, बल्कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा करना है. प्रधान हेंब्रम की स्थिति देखकर मन व्यथित है. इससे पहले भी कई साथियों को हमने स्वस्थ कर उनके घर वापस भेजा है, और मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधान हेंब्रम भी जल्द स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच लौटेंगे.

 ‘मानसिक रोग अभिशाप नहीं, इलाज संभव’

उन्होंने कहा कि मानसिक रोग कोई अभिशाप नहीं, सही इलाज से इसका उपचार संभव है.

सहयोग में जुड़े कई साथी

इस नेक कार्य में उनके साथ विश्वनाथ हेंब्रम, कोंका हेंब्रम, सोनाराम माझी, रुईदास सोरेन, संतोष टुडू, और राजेश होनहागा जैसे साथी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रहे हैं.

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