Simdega: जिले में मानव तस्करों का नेटवर्क किस कदर सक्रिय है, इसका अंदाजा इसी घटना से लगाया जा सकता है कि यहां की एक बेटी का तीन लाख रुपये में सौदा कर उसे भारत-पाकिस्तान सीमा के पास राजस्थान के बाड़मेर तक पहुंचा दिया गया था. हालांकि सिमडेगा पुलिस की सक्रियता से युवती को रेस्क्यू कर सुरक्षित वापस लाया गया.

DSP ने प्रेस वार्ता में किया खुलासा
मामले को लेकर प्रेस वार्ता करते हुए डीएसपी हेड क्वार्टर रणवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में सिमडेगा के कुरडेग थाना क्षेत्र स्थित जेरवा गांव की एक युवती को पड़ोसी गांव के कुछ मानव तस्कर बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गए थे. वहां उसे एक प्लेसमेंट एजेंसी को बेच दिया गया.
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दिल्ली से मेरठ और फिर बाड़मेर तक पहुंची युवती
डीएसपी ने बताया कि दिल्ली में प्लेसमेंट एजेंसी से जुड़े दलालों ने युवती को मेरठ में बेच दिया. इसके बाद तस्करों ने उसे भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास राजस्थान के बाड़मेर ले जाकर तीन लाख रुपये में बेच दिया. आरोप है कि वहां युवती के साथ लगातार अत्याचार किया गया. इसी दौरान उसे एक बच्चा भी हुआ.
मां से संपर्क के बाद खुला पूरा मामला
बताया गया कि जब युवती पर अत्याचार हद से ज्यादा बढ़ गया तो उसने किसी तरह सिमडेगा में अपनी मां से संपर्क किया. इसके बाद मामला सिमडेगा एसपी श्रीकांत एस. खोटरे तक पहुंचा. मामले की गंभीरता को देखते हुए एचटीयू थाना में मानव तस्करी का केस दर्ज किया गया और एक विशेष टीम का गठन किया गया.
राजस्थान पहुंची पुलिस टीम, सकुशल कराया रेस्क्यू
गठित टीम राजस्थान के बाड़मेर पहुंची और युवती को रेस्क्यू कर सिमडेगा वापस लाई. इसके बाद उसे उसके परिजनों को सौंप दिया गया. पुलिस अब पूरे मानव तस्करी नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच में जुटी हुई है.
