राज्यकर्मियों को केंद्र के अनुरूप मिले सेवा शर्त, इसका पालन करे राज्य सरकार: सचिवालय सेवा संघ

Ranchi: झारखंड सचिवालय सेवा की संवर्ग समीक्षा समिति की दूसरी बैठक बुधवार को हुई. बैठक के दौरान कार्मिक सचिव द्वारा विभिन्न राज्यों...

Ranchi: झारखंड सचिवालय सेवा की संवर्ग समीक्षा समिति की दूसरी बैठक बुधवार को हुई. बैठक के दौरान कार्मिक सचिव द्वारा विभिन्न राज्यों में सचिवालय सेवाओं के पदों की स्थिति का विवरण प्राप्त करने का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर सचिवालय सेवा संघ के अध्यक्ष ने आपत्ति दर्ज कराई. संघ की ओर से स्पष्ट किया गया कि राज्यकर्मियों को केंद्र सरकार के अनुरूप सेवा शर्त एवं संरचना प्रदान करने का समझौता हुआ है, न कि अन्य राज्यों के आधार पर तुलना करते हुए सेवा संरचना निर्धारित करने का. यह कदम केवल मामले को लंबित करने के उद्देश्य से है. इस संदर्भ में सचिवालय सेवा संघ ने समिति के समक्ष अपना लिखित पक्ष भी प्रस्तुत किया, लेकिन समिति अध्यक्ष/सदस्यों द्वारा इस विषय में अपेक्षित गंभीरता एवं रुचि नहीं दिखाई गई.

यह भी पढ़ें: गुवा से 13 वर्षीय दर्शना समेत तीन बच्चे लापता, परिजनों में दहशत

संघ के प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं दिया जा रहा

बैठक की कार्यवाही के संचालन को लेकर भी संघ ने गंभीर आपत्ति दर्ज करने का निर्णय लिया है. संघ का कहना है कि समिति के तीन सदस्य अध्यक्ष के साथ पृथक रूप से विमर्श/बैठक कर निर्णय ले रहे हैं तथा सचिवालय सेवा के प्रतिनिधि सदस्यों को बाद में बुलाया जाता है. केवल उनके द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों से मात्र अवगत कराया जा रहा है. संघ के प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं दिया जा रहा है, जो समिति की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है. आज की बैठक में समिति सदस्य के रूप में नामित सचिव, राजस्व विभाग के स्थान पर अन्य पदाधिकारी को भाग लेने की अनुमति प्रदान की गई, जबकि सचिवालय सेवा संघ के महासचिव के अस्पताल में भर्ती रहने के बावजूद उनके स्थान पर किसी प्रतिनिधि को बैठक में सम्मिलित होने की अनुमति नहीं दी गई. संघ ने इसे समिति की एकपक्षीय कार्यप्रणाली का स्पष्ट उदाहरण बताया है.

यह भी पढ़ें: सिंदूर चौक के होटल में देह व्यापार का भंडाफोड़, होटल मालिक समेत चार गिरफ्तार

सचिवालय सेवा संघ समिति का विरोध करने पर विचार कर सकता है

संघ का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में समिति से निष्पक्ष एवं न्यायसंगत निर्णय की अपेक्षा करना कठिन है. यदि समिति की कार्यप्रणाली में शीघ्र सुधार नहीं किया गया, तो सचिवालय सेवा संघ इस समिति का विरोध करने एवं इसकी बैठक में भाग लेने संबंधी अपने निर्णय लेने पर पुनर्विचार कर सकता है.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *