रांची: झारखंड अब भू-माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों के गठजोड़ का अखाड़ा बन गई है.सरकारी फाइलों में हेरफेर, म्यूटेशन में अवैध वसूली और मुआवजे की राशि डकारने के खेल में राज्य के राजस्व महकमे के रक्षकों ने ही भक्षक की भूमिका निभाई है. ताज़ा जांच और एसीबी की छापेमारी के बाद झारखंड के दो दर्जन से अधिक अंचल निरीक्षकों और राजस्व अधिकारियों पर बड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक गई है.इनमें से कई को गिरफ्तार किया जा चुका है, तो कई के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मांगी गई है.
सर्वाधिक अनियमितता वाला जिला: धनबाद और हजारीबाग
धनबाद जिला अनियमितताओं के मामले में सबसे शीर्ष पर है.अकेले धनबाद रिंग रोड जमीन घोटाले में 100-150 करोड़ की हेराफेरी का मामला सामने आया है.वहीं, हजारीबाग और रांची के अंचल कार्यालयों में म्यूटेशन और सरकारी जमीन के अवैध हस्तांतरण के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए है.
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कार्रवाई के दायरे में आए ये राजस्व कर्मी और पदाधिकारी
उदय कांत पाठक (पूर्व डीएलओ ): धनबाद रिंग रोड परियोजना में 150 करोड़ के मुआवजे की राशि में गबन.
विशाल कुमार:धनबादभू-माफियाओं के साथ मिलकर सरकारी जमीन का निजी हस्तांतरण.
मिथिलेश कुमार (पूर्व कानूनगो) धनबाद : रिकॉर्ड कीपिंग में हेरफेर कर गलत लोगों को मुआवजा दिलाना.
शंकर प्रसाद दुबे (पूर्व अमीन) धनबाद : ज़मीन गलत मापी और फर्जी सीमांकन के बदले मोटी घूस.
कमाल किशोर सिंह (सीआई)नामकुम: रांचीन्यायालय के आदेश के बावजूद 8 साल तक कार्रवाई न करना और पक्षपात.
प्रीतम आचार्य (डीसीएलआर कार्यालय कर्मी)सरायकेला: मुआवजा के निपटारे के लिए लाख की मांग और 5 लाख घूस लेते पकड़ाना.
निरंजन कुमार (प्रधान लिपिक)देवघर: रिंग रोड प्रोजेक्ट में मुआवजे के बदले 10-15 फीसदी कमीशन की मांग.
नुनदेव यादव (राजस्व कर्मी) देवघर: किसानी को डरा-धमकार कमीशन वसूलने का सिंडिकेट चलाना.
कार्तिक बढ़ईक (ब्रोकर सह राजस्व लिंक)रांची: रिम्स की जमीन का अतिक्रमण कराने में विभागीय साठगांठ.
राजेश कुमार झा (राजस्व सहयोगी)रांची: भूमि सुधार विभाग के दस्तावेजों की अवैध खरीद-बिक्री.
अभिषेक कुमार (संबंधित थाना/अंचल) नेतरहाट : पीड़ित परिवारों की शिकायत दबाना और भू-माफियाओं को संरक्षण.
अमृत कुमार राम (निरीक्षक)गिरिडीह: वितीय धोखाधड़ी और ₹9600 करोड़ के घोटाले में संदिग्ध भूमिका.
कुंदन कुमार वर्मा (राजस्व दल)गिरिडीह: ठगी गिरोहों को राजस्व रिकॉर्ड की गोपनीय जानकारी साझा करना.
विजय प्रताप सिंह (राजस्व कर्मी)रांची:
बेनामी संपत्ति अर्जित करना (सरकारी जमीन घोटाले से).
अनुपमा कुमारी (सहायक लिपिक) धनबाद : फर्जी वंशावली के आधार पर मुआवजा फाइलों को पास करना.
उमेश महतो (पूर्व अमीन) धनबाद : लैंड बैंक की जमीन को निजी बताकर रिपोर्ट लगाना.
शारदा मिश्रा (राजस्व संपर्क)रांची: धार्मिक न्यास की जमीनों के फर्जी कागजात तैयार करना.
वीरेंद्र शर्मा (निरीक्षक दल)बरही: व्यापारिक प्रतिष्ठानों से अवैध वसूली और रिकॉर्ड में हेरफर.
आदित्य भारती (राजस्व लिपिक)रांची: दाखिल-खारिज के बदले प्रति फाइल अवैध कमीशन.
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भ्रष्टाचार का ग्राफ
वर्ष 2025-26 में अब तक एसीबी ने रिकॉर्ड 120 से अधिक छापेमारी की है, जिसमें 45 फीसदी मामले केवल राजस्व विभाग से जुड़े हैं. हजारीबाग और धनबाद में 2.5 लाख एकड़ से अधिक जमीन अधिग्रहित की गई है। इसमें लगभग 15 फीसदी मामलों में मुआवजे की पात्रता पर विवाद है, जो अधिकारियों की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।रांची अंचल में पिछले 1 साल में म्यूटेशन के 30,000 से अधिक आवेदन लंबित हैं.जांच में पाया गया कि सुविधा शुल्कन देने वालों की फाइलें जानबूझकर रोकी गई हैं.
