Click Here
Click Here
Click Here

चेक बाउंस मामले में दोषी तकनीशियन की नौकरी गई, विभाग से तथ्य छिपाना पड़ा भारी

Ranchi : झारखंड ऊर्जा उत्पादन निगम लिमिटेड ने अपने एक तकनीशियन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी...

Ranchi : झारखंड ऊर्जा उत्पादन निगम लिमिटेड ने अपने एक तकनीशियन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी है. स्वर्णरेखा जल विद्युत परियोजना में तकनीशियन-II के पद पर कार्यरत कांति लाल पटेल को चेक बाउंस के आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद बर्खास्त कर दिया गया है. रामगढ़ की अदालत में चल रहे वाद संख्या 486/2021 में 29 सितंबर 2023 को उन्हें दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई थी. इसके बाद उन्होंने सत्र न्यायालय में अपील की, लेकिन 29 अप्रैल 2024 को अदालत ने उनकी अपील भी खारिज कर दी.

Also Read : हैप्पी बर्थडे माही: स्कूटर से स्टेडियम तक, सादगी और संघर्ष की मिसाल हैं महेंद्र सिंह धोनी

विभाग से छिपाई दोषसिद्धि, नोटिस का भी नहीं दिया जवाब

सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद कांति लाल पटेल ने अपनी आपराधिक दोषसिद्धि की जानकारी विभाग को नहीं दी. बताया गया कि अप्रैल 2024 से वह बिना किसी सूचना के कार्यस्थल से भी अनुपस्थित थे. मामले की जानकारी मिलने के बाद निगम ने 28 जनवरी 2025 को उनसे स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद विभाग ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर उनसे संपर्क करने की भी कोशिश की, फिर भी उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.

Also Read : रांची में 1.59 लाख पेंशनधारियों के खाते में पहुंचे 63.74 करोड़ रुपये, चार महीने की पेंशन DBT से जारी

निगम ने सेवा से किया बर्खास्त

सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद झारखंड ऊर्जा उत्पादन निगम लिमिटेड ने ‘झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड’ के प्रमाणित स्थायी आदेश 2017 की कंडिका 29(B) के तहत कांति लाल पटेल को सेवा से बर्खास्त कर दिया. निगम ने स्पष्ट किया कि आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि और विभाग से महत्वपूर्ण जानकारी छिपाना गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है. बर्खास्तगी का आदेश उनके रांची स्थित कार्यालय के साथ-साथ गुजरात के वलसाड जिले में स्थित उनके स्थायी पते पर भी भेज दिया गया है.

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *