Hazaribagh : जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आज कृष्ण बल्लभ आश्रम स्थित जिला कार्यालय में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक और जल-जंगल-जमीन के रक्षक भगवान बिरसा मुंडा की 126वीं पुण्यतिथि बेहद श्रद्धा और आदर के साथ मनाई गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मंत्री सह कांग्रेस के जिला अध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल ने की. इस अवसर पर जिले भर से आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया. इसके उपरांत, सभी कांग्रेसी नेता एकजुट होकर शहर के पुराना बस स्टैंड परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा पर विधिवत माल्यार्पण कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और पूरा परिसर ‘भगवान बिरसा मुंडा अमर रहे’ के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा.
ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ उलगुलान का नेतृत्व करने वाले लोक नायक थे बिरसा मुंडा
श्रद्धांजलि सभा को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री सह जिला अध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा की जीवनी और उनके ऐतिहासिक संघर्षों पर विस्तृत प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा जी मात्र एक आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि समूची मुंडा जनजाति और भारतीय इतिहास के गौरवशाली लोक नायक थे. उन्होंने 19वीं शताब्दी के अंत में ब्रिटिश राज के दमनकारी शासन के खिलाफ बंगाल प्रेसीडेंसी में एक अभूतपूर्व आदिवासी धार्मिक सहस्त्राब्दी आंदोलन और उलगुलान का नेतृत्व किया था. उनके इसी अदम्य साहस और दूरदर्शिता ने उन्हें भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में एक अमर और महत्वपूर्ण व्यक्ति बना दिया. भारत के तमाम आदिवासी और आम नागरिक उन्हें भगवान का दर्जा देते हैं और वे पूरे देश में ‘धरती आबा’ के नाम से पूजे जाते हैं, जिनके पदचिह्नों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

प्रदेश से लेकर नगर स्तर के दर्जनों दिग्गज नेता रहे मौजूद, सामाजिक एकजुटता का दिया संदेश
कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदेश को-ऑर्डिनेटर बिनोद कुशवाहा, प्रदेश सचिव रेणु कुशवाहा, पूर्व प्रदेश सचिव शशि मोहन सिंह और जिला कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष निसार खान शामिल हुए. इनके अलावा नगर अध्यक्ष परवेज अहमद, पूर्व नगर अध्यक्ष मनोज नारायण भगत, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजू चौरसिया, दीपक गुप्ता, सुनील अग्रवाल, नरेश गुप्ता, जावेद इकबाल, विजय कुमार सिंह, सदरूल होदा, बाबर अंसारी, मुस्ताक अंसारी, माशूक अंसारी, नौशाद आलम, लाल बाबू, गिरजा शंकर, अनिल कुमार राय और तोमस आनंद के साथ-साथ भारी संख्या में अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता भी उपस्थित थे.
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