Gumla : जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कराकू पुजरा टोली गांव में 12 वर्षीय एक नाबालिग बच्चे का शव पेड़ से लटका मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. घटना के बाद पूरे गांव में शोक, आक्रोश और तनाव का माहौल है. परिजनों ने बच्चे की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए इसे सुनियोजित हत्या बताया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. मृतक की मां लक्ष्मी देवी ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को दोपहर करीब एक बजे बकरी चराने के लिए घर से भेजा था. उनके अनुसार, उसी दौरान गांव की एक महिला सुनीता देवी उनके घर पहुंची और उनके बेटे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी. मां का कहना है कि महिला ने कहा था कि यदि उनका बेटा कहीं मिल गया तो वह उसे नहीं छोड़ेगी, चाहे इसके लिए जेल ही क्यों न जाना पड़े.

बेटे के घर नहीं लौटने पर शुरू हुई तलाश
परिजनों के अनुसार, धमकी मिलने के कुछ समय बाद जब बच्चा घर नहीं लौटा तो उसकी खोजबीन शुरू की गई. काफी तलाश के बाद उसका शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला. घटना की जानकारी मिलते ही गांव में भारी भीड़ जुट गई और लोगों में आक्रोश फैल गया. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया था. पोस्टमॉर्टम के बाद जब परिजन शव लेकर गांव पहुंचे तो ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया. लोगों का आरोप था कि मामले की गंभीरता को नजरअंदाज किया जा रहा है और सच्चाई सामने लाने के बजाय इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश हो रही है. कई घंटों तक चले हंगामे और समझाने-बुझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए और बच्चे का दाह संस्कार किया गया.
हत्या की निष्पक्ष जांच की मांग
मृतक की मां ने पूरे मामले में षड्यंत्र के तहत हत्या किए जाने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि बेटे को पहले धमकी दी गई और उसके बाद उसकी मौत हो गई, इसलिए मामले की हर पहलू से जांच होनी चाहिए. परिजनों ने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल इस मामले को लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे बच्चे की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा.
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