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झारखंड पंचायत चुनाव की उल्टी गिनती शुरू, OBC आरक्षण का रास्ता साफ! बैलेट पेपर से होगा मतदान

Ranchi: झारखंड में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं. पंचायती राज विभाग ने चुनाव से पहले ओबीसी आरक्षण लागू करने...

The countdown for the Jharkhand Panchayat elections has begun, clearing the way for OBC reservations! Voting will be conducted using ballot papers.

Ranchi: झारखंड में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं. पंचायती राज विभाग ने चुनाव से पहले ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए जरूरी ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. विभाग ने पिछड़ा वर्ग आयोग को ट्रिपल टेस्ट के लिए नामित करने का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है. माना जा रहा है कि कैबिनेट की अगली बैठक में इस पर मंजूरी मिल सकती है. मंजूरी मिलने के बाद पिछड़ा वर्ग आयोग एजेंसी का चयन करेगा और ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया शुरू होगी. इसके साथ ही पंचायत चुनाव की अन्य प्रशासनिक तैयारियां भी रफ्तार पकड़ लेंगी. विभाग का मानना है कि नगर निकाय चुनाव में भी पिछड़ा वर्ग आयोग के जरिए ट्रिपल टेस्ट कराया गया था और उस पर कोई विवाद नहीं हुआ, इसलिए इसी मॉडल को पंचायत चुनाव में भी अपनाया जाएगा.

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EVM नहीं, बैलेट पेपर से होगा चुनाव

पंचायती राज विभाग और राज्य निर्वाचन आयोग के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में चुनाव की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में तय किया गया कि पंचायत चुनाव ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से कराए जाएंगे. बताया गया कि राज्य के पास पंचायत चुनाव के लिए पर्याप्त संख्या में ईवीएम उपलब्ध नहीं है. नई मशीनें खरीदने पर 25 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे, जबकि अगले चुनाव तक उनके तकनीकी रूप से पुराने पड़ने की आशंका भी रहेगी. इसी वजह से बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर सहमति बनी.

इस बार OBC के लिए अलग आरक्षण

राज्य की वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल मई-जून 2027 में समाप्त होगा. सरकार अप्रैल 2027 तक चुनाव कराने की तैयारी में है. इस बार पंचायत चुनाव में सबसे बड़ा बदलाव ओबीसी आरक्षण होगा. पिछले चुनाव में छह श्रेणियों के तहत आरक्षण लागू था, लेकिन अब ओबीसी सामान्य और ओबीसी महिला को जोड़ते हुए कुल आठ श्रेणियों में पदों का आरक्षण तय किया जाएगा. इसके लिए ट्रिपल टेस्ट के आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा. अगर कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो झारखंड में पंचायत चुनाव की औपचारिक तैयारियां तेजी से आगे बढ़ेंगी और लंबे समय से प्रतीक्षित ओबीसी आरक्षण का रास्ता भी साफ हो जाएगा.

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