विनीत आभा उपाध्याय
Ranchi: सरकारी अस्पताल के लिए अधिग्रहित जमीन की फ़र्ज़ी तरीके से खरीद-बिक्री करने और उसपर निर्माण करने से जुड़े रिम्स लैंड स्कैम की जांच एसीबी कर रही है. अब तक इस केस से जुड़े आधा दर्जन आरोपियों को एजेंसी ने गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है और कई आरोपियो की तलाश एसीबी कर रही है. एसीबी की दबिश के कारण कई आरोपी फरार चल रहे हैं और अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी है.
समय पर केस डायरी नहीं मिली
इस आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने एसीबी की ओर से समय पर केस डायरी प्रस्तुत नहीं किये जाने पर चिंता जाहिर की है. एसीबी कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के सतेंद्र कुमार केस के मुताबिक केस डायरी प्रस्तुत के लिए एक निर्धारित समय सीमा तय की गई है और उस समय सीमा का अनुपालन करते हुए केस डायरी प्रस्तुत की जानी चाहिए.
लवली देवी की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई पर हुई यह टिप्पणी
कोर्ट ने यह टिप्पणी लैंड स्कैम से जुड़े केस की एक प्रमुख आरोपी लवली देवी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए की है. रिम्स लैंड स्कैम में आरोपी बनाए जाने के बाद लवली देवी ने 12 जून को अपनी अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी. जिसपर पहली सुनवाई 16 जून को हुई थी.
ACB ने केस डायरी प्रस्तुत नहीं की
16 जून को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एसीबी की ओर से उपस्थित विशेष लोक अभियोजक को केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 30 जून की तिथि निर्धारित की. 30 जून की सुनवाई के दौरान एसीबी ने केस डायरी पेश नहीं की जिसके बाद कोर्ट ने दुबारा केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए 10 जून को सुनवाई की तारीख तय की. लेकिन जब 10 जून को सुनवाई हुई तब भी ACB ने केस डायरी प्रस्तुत नहीं की.
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