Ajay Dyal
Ranchi: राजधानी के कोकर, खरहाटोली की गलियों में आज सन्नाटा है, लेकिन यह शांति सुकून वाली नहीं, बल्कि एक अनहोनी के डर से उपजी है. 18 महीने की नन्ही अदिति पांडेय पिछले 70 घंटों से लापता है. एक ऐसी उम्र, जिसमें बच्चे ठीक से चलना भी नहीं सीख पाते, उस उम्र में अदिति न जाने कहां खो गई है. माता-पिता की आंखों के आंसू सूख चुके हैं और पूरा मोहल्ला बस एक ही दुआ मांग रहा है,अदिति सलामत वापस आ जाए.

जमीन से आसमान तक सघन तलाशी
प्रशासन ने अदिति को ढूंढने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. बच्ची के घर के समीप स्थित नाले में गिरकर बह जाने की आशंका के मद्देनजर एनडीआरएफ और रांची पुलिस के जवान एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं. कोकर खरहाटोली से लेकर नामकुम स्थित स्वर्णरेखा नदी तक के नालों के चप्पे-चप्पे को खंगाला जा रहा है. कीचड़, गंदगी और बहाव के बीच जवान घंटों से अदिति का सुराग ढूंढ रहे हैं, लेकिन अब तक हाथ खाली हैं.
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हर संदिग्ध कोने पर नजर
मामला सिर्फ हादसे तक सीमित नहीं है, इसलिए पुलिस ‘अपहरण’ के एंगल पर भी काम कर रही है. रांची रेलवे स्टेशन और शहर के तमाम छोटे-बड़े बस स्टैंडों पर अलर्ट जारी किया गया है.जिले की सीमाओं पर हर आने-जाने वाली गाड़ी की चेकिंग की जा रही है.
खंगाले जा रहे सीसीटीवी फुटेज
पुलिस की तकनीकी टीमें सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं ताकि कोई भी संदिग्ध हलचल पकड़ में आ सके.70 घंटे बीत चुके हैं, समय बीतने के साथ उम्मीदें टूट रही हैं लेकिन प्रशासन और परिवार की जिद अभी भी कायम है. रांची का हर नागरिक आज खुद को अदिति के परिवार से जुड़ा महसूस कर रहा है.
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गहराता जा रहा डर
वक्त की सुइयां जैसे-जैसे आगे बढ़ रही हैं, डर गहराता जा रहा है। क्या अदिति किसी हादसे का शिकार हुई या उसे किसी ने अपनी साजिश का हिस्सा बनाया? इन सवालों के जवाब फिलहाल कोकर के उन गहरे नालों और शहर की भीड़ में कहीं दफन हैं. पुलिस का कहना है कि जब तक अदिति का पता नहीं चल जाता, यह सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा.
