हाथी के दांत साबित हो रहा है गांव में लगा जलमीनार

Chatra : वर्तमान में झारखण्ड सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन ने राज्य में पीने के पानी के बगैर लोग न रहे, पानी...

Chatra : वर्तमान में झारखण्ड सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन ने राज्य में पीने के पानी के बगैर लोग न रहे, पानी बगैर कोई मरे न इसके लिए मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलो के उपायुक्तों को निर्देश दिया कि बढ़ती गर्मी और तपती धूप से निजात के लिए आम आवाम को पीने की पानी की ब्यवस्था की जाए, जिसके निर्देश पर चतरा उपायुक्त रवि आनंद ने जिले के सभी प्रखंडो एवं अंचल क्षेत्रो के चौक चैराहो पर पियाऊ की ब्यवस्था करना सुनिश्चित करें. हालांकि प्रखण्ड कार्यालय आने जाने वालों के लिए प्रखण्ड कार्यालय में पीने की पानी की ब्यवस्था है लेकिन चौक चैराहो पर नहीं हुई ब्यवस्था.

भले ही सरकार पानी की समुचित ब्यवस्था की बात करती है लेकिन आज कई ऐसे गांव हैं जहां लोगो को पीने के लिए शुद्ध पानी भी नसीब नही हो पा रहा है. ऐसे ही गांव में शामिल है कान्हाचट्टी प्रखण्ड के कोल्हैया पंचायत के हेमरा लुटा जहां के ग्रामीण आज भी नाले का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं.

क्या है मामला

कान्हाचट्टी प्रखण्ड के कोल्हैया पंचायत के कई गांव हैं जहां शुद्ध पीने की पानी नसीब नहीं हो रहा है. ऐसे ही गांव में शामिल है हेमरा गांव, जहां पर लगभग एक सौ घरों की बस्ती है और इस गांव में एस सी समाज के लोग ही निवास करते हैं. इन सौ घरों की जनसंख्या को पीने के लिए पानी की कोई समुचित ब्यवस्था नहीं है. जिसके कारण गांव के लोग गांव के बगल में पहाड़ से निकले नाले की पानी से प्यास बुझाने को विवश हैं. लेकिन प्रशासन का कोई ठोस पहल नही हो रहा है.

चुआं के पानी से प्यास बुझाते हैं ग्रामीण

इस गांव में एक सौ घरों की लगभग पांच सौ से सात सौ ग्रामीण नाले के चुआं से प्यास बुझाने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में तीन जलमीनार भी है लेकिन सभी हाथी का दांत साबित हो रहा है. एक भी जलमीनार ठीक नहीं है. जिसके कारण हम ग्रामीण नाले के गंदे पानी पीने को मजबूर हैं. ग्रामीणों ने कहा कि जिस जगह पर हमलोग ग्रामीण पानी के पानी की व्यवस्था चुआं से करते हैं उसके बगल में ही जानवर भी पानी पीते हैं अर्थात जानवर और आदमी एकही जगह से पानी पीकर प्यास बुझाने को विवश हैं.

कल्याण विभाग से गांव में लगाना था 16 डीप बोरिंग

वर्ष 2024-25 में कल्याण विभाग द्वारा डा. भीम राव अम्बेदकर उन्नत ग्राम योजना कस तहत हेमरा गांव में कल्याण विभाग से काम होना था. जिसमे ग्रामीणों के रोशनी प्रदान करने के लिए स्ट्रीट लाइट लगाना था,16 डीप बोरिंग सोलर सिस्टम जलमीनार लगाना था तथा 500 मीटर पी सी सी कार्य करना था लेकिन उसमें भी खाना पूर्ति हुई और राशि निकल गई. गांव में कल्याण विभाग के द्वारा लगा साइन बोर्ड बता रहा है कि 16 डीप बोरिंग में 8 पेयजल के लिए एवं 8 कृषि कार्य के लिए लगाना था. लेकिन ग्रामीणों ने बताया कि मात्र तीन चार बोरिंग हो हुआ और दो जगह जलमीनार लगाया, जो हाथी का दांत हो साबित हो रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि भोली भाली ग्रामीणों को संवेदक द्वारा ठगा गया है.  इस कार्य का एजेने हजारीबाग के चुरचू के सहयोग संस्था जनकल्याण मत्स्य जरवा सहयोग समिति लिमिटेड के द्वारा काम लिया गया, लेकिन काम नहीं हुआ और राशि निकल गया.

राशि गटक जाने वाले पर जिला प्रशासन करेगी कार्रवाई या होगी खाना पूर्ति

हेमरा गांव में पानी उपलब्ध कराने के नाम पर लूट करने वाले पर जिला प्रशासान करवाई करेगी या फिर विकास के नाम पर होगी खाना पूर्ति. उक्त बात को लेकर ग्रामीणों में जानने की इच्छा हो गई है. ग्रामीण लखन सिंह भोक्ता ने कहा कि करोड़ो रुपया गांव के विकास के नाम पर गटक जाने वाले पर कार्रवाई होगी या फिर इसे ही हमारे गांव के नाम पर होती रहेगी लूट. ग्रामीणों ने उपायुक्त से जांच कर कार्रवाई की मांग की है.

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