Ranchi: शहर में बुधवार को छात्र आक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा. झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही धांधलियों, पेपर लीक और घोर अनियमितताओं के खिलाफ राज्य के सभी 24 जिलों से पहुंचे हजारों अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए हैं. बारिश की बूंदें भी इन युवा अभ्यर्थियों के हौसले और गुस्से को डिगा नहीं पाईं. जयपाल सिंह मुंडा फुटबॉल स्टेडियम से शुरू हुआ यह आंदोलन अब एक बड़े जनसैलाब का रूप ले चुका है, जिससे राजधानी की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.
संविधान को ढाल बनाकर सड़क पर उतरे युवा
आंदोलन की शुरुआत कचहरी स्थित जयपाल सिंह मुंडा फुटबॉल स्टेडियम से हुई, जहां सुबह से ही छात्रों का जुटना शुरू हो गया था. हाथों में तिरंगा और देश का संविधान थामे छात्रों ने अल्बर्ट एक्का चौक तक एक भव्य ‘संविधान मार्च’ निकाला. अल्बर्ट एक्का चौक पर पहुंचकर हजारों छात्रों ने एक स्वर में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया. छात्रों का साफ कहना था कि जब सिस्टम उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है, तब देश का संविधान ही उनके अधिकारों की एकमात्र रक्षा ढाल बचा है. हाल ही में संपन्न हुई 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं, जिसके बाद से अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है.
रेंगते दिखे वाहन, रूट डायवर्ट
छात्रों के इस विशाल पैदल मार्च के कारण रांची की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई है. कचहरी रोड से लेकर अल्बर्ट एक्का चौक तक गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और वाहन रेंगते नजर आए. इसका असर मेन रोड, रेडियम रोड और लालपुर रोड पर भी देखने को मिला, जहां ट्रैफिक पूरी तरह से ठप हो गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यातायात पुलिस को तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा. कचहरी रोड की ओर आने वाले वाहनों को रांची विश्वविद्यालय और शहीद चौक की ओर डायवर्ट किया गया. वहीं, मेन रोड का ट्रैफिक पुरुलिया रोड और बड़ा तालाब की तरफ मोड़ा गया. फिरायालाल चौक से रूट बदलकर गाड़ियों को चडरी तालाब के रास्ते कचहरी भेजा जा रहा है.
अब तक की फैक्ट फाइल
• CID जांच तेज: मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल सीआईडी इसकी जांच कर रही है. इस सिलसिले में कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं.
• पूर्व चेयरमैन से पूछताछ: जांच की आंच अब आयोग के शीर्ष पदों तक पहुंच गई है. जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते से लगातार दूसरे दिन भी मैराथन पूछताछ जारी है.
• छात्रों का अविश्वास: आयोग के दफ्तर के बाहर पिछले कई दिनों से प्रदर्शन जारी है. छात्रों का आरोप है कि चुनिंदा गिरफ्तारियों से लीपापोती की कोशिश हो रही है, जबकि पूरी चयन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए.
