Bandgaon: कराईकेला स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में बुधवार को धार्मिक परंपराओं एवं वैदिक विधि-विधान के साथ नेत्र उत्सव अनुष्ठान का भव्य आयोजन किया गया. स्नान पूर्णिमा के उपरांत 15 दिनों तक अनसर गृह में विराजमान एवं अस्वस्थ माने जाने वाले महाप्रभु भगवान जगन्नाथ के स्वस्थ होने के बाद उन्हें विधिवत अनसर गृह से बाहर लाया गया. मंदिर का पट खुलते ही भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के नवयौवन दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी.
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ अनुष्ठान
मंदिर के सेवक सह पुजारी पंडित जगदीश चंद्र ठाकुर, ब्रजभूषण मिश्रा एवं ललित नारायण ठाकुर ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया. इसके बाद महाप्रभु को विधिवत सिंहासन पर विराजमान कर उनका आकर्षक श्रृंगार किया गया. अनुष्ठान के उपरांत भगवान को केला, नारियल, विभिन्न मौसमी फल, खीर, खिचड़ी एवं अन्य पारंपरिक पकवानों का महाभोग अर्पित किया गया. पूजा संपन्न होने के बाद महाप्रसाद श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया. वहीं देर शाम विशेष पूजा एवं महाआरती के बाद पुनः महाप्रसाद का वितरण किया गया.
गुरुवार को निकलेगी भव्य रथ यात्रा
मंदिर समिति ने बताया कि गुरुवार को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी, जबकि शुक्रवार को रथ मौसीबाड़ी पुरानाडीह दुर्गा मंदिर पहुंचेगा. नेत्र उत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की. इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में मंदिर पूजा समिति के प्रशांत साहू, गिरधारी मंडल, विवेक मिश्रा, नितेश मंडल सहित अन्य सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा.
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