प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामाकांत मिश्रा की आदालत ने सजा सुनाते हुए 3000 जुर्माना लगाया

Koderma : अवैध रूप से विस्फोटक रखने व ले जाने के एक मामले की सुनवाई करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश...

Koderma : अवैध रूप से विस्फोटक रखने व ले जाने के एक मामले की सुनवाई करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाकांत मिश्रा की अदालत ने आरोपी नवीन कुमार, 25 वर्ष, महेशपुर, डोमचांच, संदीप मेहता, 24 वर्ष, जेरूवाडीह, डोमचांच जिला- कोडरमा निवासी को 4/5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए 10-10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई. साथ ही तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया. जुर्माना की राशि नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.

अदालत ने सुनाई सजा

मामला वर्ष 2020 का है. इसे लेकर नवलशाही थाना मे थाना कांड संख्या 54/2020 दर्ज कराया गया था. अभियोजन का संचालक लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने किया. इस दौरान सभी गवाहों का परीक्षण कराया गया. कार्रवाई के दौरान अपराध की गंभीरता को देखते हुए लोक अभियोजक ने न्यायालय से अभियुक्त को अधिक से अधिक सजा देने का आग्रह किया. वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने दलीलें पेश करते हुए बचाव किया. अदालत ने सभी गवाहों और साक्षयो का अवलोकन करने के उपरांत दोनों अभियुक्तों को 4/5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए, 10-10 साल सश्रम कारावास की सजा मुकर्रर की और जुर्माना लगाया.

क्या है मामला

कोडरमा – तत्कालीन नवलशाही थाना प्रभारी अब्दुल्ला खान ने मामला दर्ज कराते हुए कहा था कि दिनांक 1 जुलाई 2020 को मसमोहना काली मंदिर के पास सड़क पर दो पहिया बाहनो का चेकिंग अभियान चला रहे थे, इस दौरान एक बाइक पर दो लड़के एक बोरा लेकर आ रहे थे. जिसे रुकने का संकेत दिया गया तो वह भागने लगा, जिसे जवानों की मदद से पकड़ा गया. बोरा को जब खोल कर देखा गया तो उसमें 400 पीस पावर जेल बरामद हुआ. पूछने पर बताया कि जयनगर लेकर वे लोग जा रहे थे.

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