रांची: झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश आनंदा सेन की अदालत में याचिकाकर्ता सूर्य पद महतो की रिट पिटीशन पर सुनवाई करते हुए अवैध कब्जे के प्रति सख्त रवैया अपनाते हुए, प्रार्थी को आश्वस्त किया कि यदि प्रथम दृष्टया में भूमि पर याचिकाकर्ता का अधिकार है, तो अदालत उसके अधिकारों की रक्षा करेगी. दरअसल, अदालत में याचिकाकर्ता के द्वारा यह बताया गया कि सरायकेला-खरसावां जिले (चांडिल प्रखंड) में स्थित सहरबेड़ा स्थित प्लॉट नंबर 395, 397, 403 और 404 की लगभग 7:30 एकड़ जमीन पर 2024 से कुछ लोग सरहुल पर्व के नाम पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं अदालत से गुहार लगाई की एसडीएम, उपायुक्त, एसपी और आयुक्त के पास आवेदन देने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई. वहीं, याचिका में अनधिकृत रूप से एसडीएम पर दफ्तर बुलाए जाने का भी आरोप लगाया.
भूमि संबंधी कागजात सही होने पर अधिकारों की होगी रक्षा
मौके पर अदालत ने सख्त रवैया अपनाते हुए याचिकाकर्ता को निर्देश दिया, कि वह अपनी भूमि से संबंधित कागजात के साथ आज 3:00 बजे तक एसडीएम से मिले. मौके पर अदालत में यह आश्वास्त किया कि यदि भूमि संबंधी कागजात सही पाए जाते हैं, तो उनके अधिकारों की रक्षा होगी. इधर, अदालत में दोपहर तकरीबन 1:30 बजे उक्त आदेश की प्रति को एसडीएम और अन्य पदाधिकारियों को फैक्स के माध्यम से भेज कर उन्हें सूचित भी किया.
बहरहाल भूमि से संबंधित कागजातों के अवलोकन के बाद अदालत एसडीएम एवं अपने पदाधिकारियों से उक्त भूमि संबंधित रिपोर्ट के आधार पर अगली सुनवाई में आदेश पारित कर सकती है. मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव एवं अधिवक्ता नेहा अग्रवाल ने पक्ष रखा.
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