Pakur: पाकुड़ पहुंचे झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने परिसदन में पत्रकारों से बातचीत में पश्चिम बंगाल चुनाव और विपक्षी दलों की कार्यप्रणाली को लेकर तीखे बयान दिए. डॉ. अंसारी ने भाजपा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य लड़ाई भाजपा के साथ है और वे किसी भी कीमत पर भाजपा को बंगाल की राजनीति में पैर नहीं जमाने देंगे. बंगाल और झारखंड की साझा संस्कृति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां दुर्गा पूजा के भव्य पंडाल भी सड़क पर बनते हैं और अजान व नमाज भी शांतिपूर्वक होती है. यहां सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं. इरफान अंसारी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के बयानों को ‘नफरत फैलाने वाला’ करार देते हुए कहा कि उन्हें संयम बरतना चाहिए और बंगाल की समावेशी संस्कृति को समझने की कोशिश करनी चाहिए.
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बंगाल में कांग्रेस के बिना स्थिर सरकार संभव नहीं : राजेश ठाकुर
वहीं राजेश ठाकुर ने बंगाल चुनाव में कांग्रेस की मजबूती और भाजपा-टीएमसी की कार्यशैली पर सवाल उठाए. ठाकुर ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के बिना स्थिर सरकार का गठन संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक बड़ा संगठन है और राहुल गांधी के दौरों से कार्यकर्ताओं और जनता में भारी उत्साह है. उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 90 लाख युवा मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं, जो युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है. उन्होंने भाजपा और टीएमसी को एक ही सिक्के के दो पहलू बताते हुए कहा कि एक तरफ ममता बनर्जी जनता को डराती हैं, तो दूसरी तरफ मोदी सरकार. कांग्रेस नेता ने कहा कि बंगाल की जनता अब ‘भय और भ्रष्टाचार’ के खिलाफ वोट करने का मन बना चुकी है. राहुल गांधी के ‘मोहब्बत की दुकान’ के नारे को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता नफरत की राजनीति को नकार कर आपसी भाईचारे को चुनेगी. वहीं असम चुनाव और वहां के मुख्यमंत्री की भाषा शैली पर कटाक्ष करते हुए ठाकुर ने कहा कि उनकी ‘बौखलाहट’ बता रही है कि वे अब ‘पूर्व मुख्यमंत्री’ होने वाले हैं.
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