गिरिडीह में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज

गिरिडीह: भाजपा नेता व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ है. गिरिडीह नगर थाना में उनके...

babulal marandi news
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गिरिडीह: भाजपा नेता व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ है. गिरिडीह नगर थाना में उनके खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है. यह कार्रवाई निर्वाचन आयोग की फ्लाइंग स्क्वाड टीम के सदस्य मोहम्मद मंसूर की शिकायत पर की गई है.

क्या है पूरा मामला?

गिरिडीह में निकाय चुनाव या संबंधित राजनीतिक गहमागहमी के बीच 21 फरवरी की शाम पांच बजे प्रचार की समय सीमा समाप्त हो गई थी. नियम के अनुसार, प्रचार अवधि खत्म होने के बाद बाहरी व्यक्तियों या गैर-मतदाताओं को उस क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति नहीं होती है.आरोप है कि प्रचार थमने के तीन घंटे बाद, यानी रात लगभग आठ बजे, बाबूलाल मरांडी गिरिडीह बस स्टैंड के पास स्थित एक होटल पहुंचे.वहां उनके समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद थी और एक हॉल में बैठक चल रही थी.सूचना मिलते ही सदर एसडीएम श्रीकांत विस्पुते दलबल के साथ होटल पहुंचे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एसडीएम ने शालीनता से हाथ जोड़कर बाबूलाल मरांडी से कहा कि नियमों के मुताबिक एक स्थान पर इतनी भीड़ जमा नहीं होनी चाहिए.प्रशासन के दखल के तुरंत बाद बाबूलाल मरांडी होटल से बाहर निकल गए.

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बाबूलाल मरांडी ने कहा मैं सिर्फ भोजन करने गया था:

होटल से निकलने के बाद बाबूलाल मरांडी ने मीडिया से बात करते हुए आरोपों को खारिज किया, उन्होंने कहा:
वे होटल में केवल भोजन करने गए थे. जब भी कोई बड़ा नेता कहीं जाता है, तो समर्थक और चाहने वाले स्वाभाविक रूप से वहां पहुंच जाते हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि एसडीएम ने उन्हें जाने के लिए मजबूर नहीं किया, बल्कि वे खुद ही स्थिति को देख वहां से हट गए.मरांडी ने यह भी तर्क दिया कि भले ही वे वहां के वोटर न हों, लेकिन गिरिडीह में उनका अपना मकान है.

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झामुमो ने साधा निशाना:

इससे पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने इस मुद्दे को लेकर प्रेस वार्ता की थी. उन्होंने सवाल उठाया कि,जब स्थानीय निवासी और मंत्री सुदिव्य कुमार नियमों का पालन कर रहे हैं, तो बाहरी नेता शहर में क्यों जमे हैं?उन्होंने केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और बाबूलाल मरांडी की मौजूदगी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि चूंकि वे यहां के मतदाता नहीं हैं, इसलिए चुनाव आयोग के निर्देशानुसार उनका यहां रुकना गलत है.

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