रांची: झारखंड के बोकारो और हजारीबाग से शुरू हुई ट्रेजरी घोटाले की आंच अब पूरे राज्य के कोषागारों तक पहुंच गई है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस वित्तीय अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए न केवल उच्चस्तरीय जांच कमेटी के गठन को मंजूरी दी है, बल्कि मामले की आपराधिक तहकीकात का जिम्मा सीआइडी को सौंप दिया है. यह जांच केवल वर्तमान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य गठन से लेकर अब तक के सभी 33 कोषागारों के लेन-देन को खंगाला जाएगा.
फैक्ट फाइल
आइएएस अमिताभ कौशल करेंगे नेतृत्व: वित्त विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए सीएम ने वरीय आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है. इसमें राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महालेखाकार के वित्तीय विशेषज्ञ भी शामिल होंगे.
डिजिटल सेंधमारी पर वार: कमेटी यह जांच करेगी कि कैसे पोर्टल में छेड़छाड़ की गई, फर्जी पे-आईडी बनाई गई और बैंक खाते बदलकर सरकारी राशि का गबन किया गया.तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए कमेटी ठोस सुझाव भी देगी.
33 कोषागारों का होगा स्कैन: सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य के सभी 33 कोषागारों की बारीकी से जांच होगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बोकारो और हजारीबाग की तरह अन्य जिलों में तो कहीं ऐसा खेल नहीं चल रहा था.
संपत्ति की भी होगी जांच: सीआइडी न केवल घोटाले के तौर-तरीकों की जांच करेगी, बल्कि इसमें शामिल आरोपियों की अवैध संपत्ति और उनके वित्तीय लेन-देन का भी कच्चा चिट्ठा तैयार करेगी.
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