SAURAV SINGH
Ranchi: झारखंड के लिए कानून व्यवस्था को लेकर अच्छी ख़बर आई है. राज्य में पिछले तीन वर्षों में हत्या की घटनाओं में लगातार कमी दर्ज की गई है. जहां एक ओर उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों में हत्या के आंकड़े डराने वाले हैं, वहीं झारखंड में पुलिस की सक्रियता और बेहतर चार्जशीट रेट ने स्थिति में सुधार किया है.
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के ताजा आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि झारखंड में साल-दर-साल हत्या की वारदातों में गिरावट देखी जा रही है. अगर हम पिछले तीन सालों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो स्थिति स्पष्ट हो जाती है. पूरे देश की बात करें तो उत्तर प्रदेश हत्या के मामलों में शीर्ष पर बना हुआ है. वहीं, पड़ोसी राज्य बिहार दूसरे और महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर है.
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हत्या के मामले में आई कमी
- वर्ष 2021: 1573 मामले
- वर्ष 2022: 1550 मामले
- वर्ष 2023: 1463 मामले
राज्य में मर्डर रेट (प्रति लाख जनसंख्या पर हत्या की दर) 3.7.दर्ज की गई है. चार्जशीट में झारखंड अव्वल
झारखंड पुलिस न केवल अपराध रोकने में सफल रही है, बल्कि दर्ज मामलों की तफ्तीश में भी तेजी दिखा रही है. रिपोर्ट के अनुसार, हत्या से जुड़े मामलों में झारखंड पुलिस ने 76.4 प्रतिशत मामलों में चार्जशीट. दाखिल की है.
देश का हाल: यूपी और बिहार में सबसे ज्यादा मर्डर
- उत्तरप्रदेश: 3206
- बिहार: 2862
- महाराष्ट्र: 2208
- मध्यप्रदेश: 1832
- राजस्थान: 1804
- पश्चिम बंगाल: 1686
- तमिलनाडु: 1681
- झारखंड: 1463
- ओडिशा: 1362
- कर्नाटक: 1322
- हरियाणा: 1042
- असम: 1025
- गुजरात : 968
- छत्तीसगढ़: 958
- तेलंगाना: 954
- आंध्रप्रदेश: 922
- दिल्ली: 506
- केरला: 352
- उत्तराखंड: 183
- मणिपुर: 151
- त्रिपुरा: 101
