Ranchi: झारखंड की अर्थव्यवस्था की धड़कन कहे जाने वाले औद्योगिक क्षेत्र से एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है. राज्य में न केवल कारखानों का पहिया तेजी से घूम रहा है, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय स्रोतों की ओर भी कदम मजबूती से बढ़ रहे हैं. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में औद्योगिक बिजली की खपत अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है.
तीन साल में 54.7% की भारी बढ़त
झारखंड में औद्योगिक विकास की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वित्त वर्ष 2024-25 में औद्योगिक बिजली की खपत 3,199.09 मेगावाट तक जा पहुंची है. यह अब तक का एक नया रिकॉर्ड है. पिछले तीन वर्षों के ट्रेंड को देखें, तो औद्योगिक ऊर्जा की मांग में 54.7 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है. बिजली की यह बढ़ती मांग इस बात का सीधा संकेत है कि राज्य में मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक गतिविधियां पहले के मुकाबले काफी तेज हुई हैं.
ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ता कदम
विकास के साथ-साथ झारखंड क्लीन और ग्रीन एनर्जी के लक्ष्य पर भी फोकस कर रहा है. राज्य की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़कर 434 मेगावाट हो गई है.
• सौर ऊर्जा: 210 मेगावाट के साथ सबसे बड़ा योगदान.
• बायो-पावर: 199.87 मेगावाट की क्षमता.
• लघु जलविद्युत: 4.05 मेगावाट का उत्पादन.
छतों पर भी पहुंच रही सौर ऊर्जा
झारखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (जरेडा) ने भी इस दिशा में शानदार प्रदर्शन किया है. वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जरेडा द्वारा स्थापित सौर क्षमता 82.31 मेगावाट तक पहुंच गई है. इससे पहले यह आंकड़ा महज 47.5 मेगावाट था. इस क्षमता विस्तार में 4.17 मेगावाट का योगदान केवल रूफटॉप सोलर से आया है.
