रांची: वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया यानी अक्षय तृतीया झारखंड के बाजारों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आई. राज्य के आर्थिक परिदृश्य में इस बार ऐसी चमक दिखी कि ज्वेलरी से लेकर ऑटोमोबाइल सेक्टर तक, हर तरफ धन की बौछार हुई. एक प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, पूरे झारखंड में इस शुभ अवसर पर 1000 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड तोड़ कारोबार दर्ज किया गया है. यह आंकड़ा न केवल राज्य की बढ़ती क्रय शक्ति को दर्शाता है, बल्कि पिछले वर्ष के मुकाबले 20 से 25 प्रतिशत की शानदार ग्रोथ की ओर भी इशारा करता है.
रांची में टूटा रिकॉर्ड: 200 करोड़ की महा-खरीदारी
राज्य की राजधानी रांची इस उत्सव का मुख्य केंद्र रही. शहर के प्रमुख बाजार जैसे मेन रोड, लालपुर, अपर बाजार और अशोक नगर में सुबह से ही रौनक देखते बन रही थी. आंकड़ों के अनुसार, केवल रांची शहर में 200 करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी का अनुमान है. इसमें सोने-चांदी के आभूषणों का सबसे बड़ा हिस्सा रहा, जबकि अन्य इलेक्ट्रॉनिक और घरेलू सामानों की बिक्री भी लगभग 10 करोड़ रुपये के पार पहुंचने की संभावना है.
ऑटोमोबाइल सेक्टर की रफ़्तार
इस बार अक्षय तृतीया पर पहियों की रफ्तार भी बेमिसाल रही. शोरूमों में भीड़ से बचने के लिए लोगों ने हफ्तों पहले से ही बुकिंग करा रखी थी। लगभग 300 कारों की डिलीवरी आज के शुभ दिन पर की गई। युवा और मध्यम वर्ग में बाइक और स्कूटी का क्रेज दिखा, जिससे लगभग 900 दो पहिया वाहनों की बिक्री हुई. अन्य भारी वाहनों और कमर्शियल गाड़ियों को मिला लिया जाए, तो अकेले ऑटोमोबाइल सेक्टर ने राज्य में 40 से 45 करोड़ रुपये का बिजनेस होने की संभावना जताई जा रही है.
ज्वेलरी शोरूमों में गोल्डन भीड़
सराफा बाजार के लिए यह दिन साल का सबसे बड़ा दिन साबित हुआ. सोने की आसमान छूती कीमतों के बावजूद, लोगों ने निवेश और शगुन के तौर पर सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों की जमकर खरीदारी की. छोटे सिक्कों से लेकर भारी गहनों तक की जबरदस्त मांग रही. कारोबारियों का मानना है कि रांची में सालाना कारोबार लगभग 2145 करोड़ रुपये का होता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा अकेले अक्षय तृतीया के दिन ही कवर हो गया.
बदल रहा है निवेश का मिजाज
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि झारखंड की जनता अब परंपरागत निवेश के साथ-साथ लग्जरी पर भी खर्च कर रही है. रियल एस्टेट से लेकर ऑटोमोबाइल तक में आई यह तेजी राज्य की सुदृढ़ अर्थव्यवस्था का संकेत है. पूरे झारखंड में सालाना कारोबार का ग्राफ 6500 करोड़ रुपये के आसपास रहता है, और जिस तरह से इस साल 25% की बढ़ोतरी देखी गई है, वह आगामी त्योहारी सीजन के लिए शुभ संकेत है.
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