Ranchi: जेल में बंद कैदियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने और छोटे अपराधों में जेलों में बंद कैदियों को त्वरित न्याय दिलाने के मकसद से रविवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार, होटवार में जेल अदालत-सह-विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल न्यायिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं, बल्कि बंदियों के स्वास्थ्य और खान-पान की गुणवत्ता की भी गहन जांच की गई.
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17 आवेदनों पर सुनवाई, 5 बंदियों को राहत
जेल अदालत के दौरान झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष और हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और रांची सिविल कोर्ट के प्रधान न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्र के मार्गदर्शन में आयोजित इस अदालत में कुल 17 आवेदन पेश किए गए और सुनवाई के बाद न्यायालय ने 05 बंदियों को लाभ प्रदान किया. इनमें से 02 बंदियों को तत्काल रिहा कर दिया गया. बाकी 03 बंदियों को निर्धारित अर्थदंड जमा करने के पश्चात रिहा करने का आदेश दिया गया.
भोजन की गुणवत्ता पर सख्ती, सुधार के निर्देश
जेल के निरीक्षण के दौरान डालसा के सचिव राकेश रौशन ने जेल की रसोई में जाकर बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच स्वयं उसे चखकर की. भोजन में कमियां पाए जाने पर सचिव ने मौके पर ही जेल अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाई और साफ-सफाई एवं पौष्टिकता में सुधार के लिए निर्देश दिए.
