बंगाल में तनाव-तमिलनाडु में सुकून, वोटिंग प्रतिशत ने बढ़ाई सियासी हलचल, जानें हाल

NewsWave Desk: पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान छिटपुट हिंसा और तनाव की खबरें सामने आ रही हैं, जबकि तमिलनाडु में मतदान...

NewsWave Desk: पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान छिटपुट हिंसा और तनाव की खबरें सामने आ रही हैं, जबकि तमिलनाडु में मतदान शांतिपूर्ण माहौल में जारी है. निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सुबह 11 बजे तक पश्चिम बंगाल में 41.11 प्रतिशत और तमिलनाडु में 37.56 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है.

ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आईं हिंसा की घटनाएं

बंगाल के कई इलाकों से तनावपूर्ण स्थिति की खबरें मिल रही हैं. कुछ जगहों पर कथित रूप से बमबाजी की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. हालांकि चुनाव आयोग का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है. अधिकारियों के मुताबिक, जहां भी गड़बड़ी की सूचना मिली, वहां तुरंत कार्रवाई की गई.

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बंगाल में सबसे ज्यादा और सबसे कम मतदान वाले जिले

पश्चिम बंगाल में सुबह 11 बजे तक सबसे ज्यादा मतदान पश्चिमी मेदिनीपुर में 44.69 प्रतिशत दर्ज किया गया है. वहीं मालदा में सबसे कम 38.22 प्रतिशत वोटिंग हुई है. इसके अलावा मुर्शिदाबाद 41.59%, पश्चिम वर्धमान 40.24%, पूर्वी मेदिनीपुर 42.16%, पुरुलिया 39.16%, उत्तरी दिनाजपुर 39.04%, झारग्राम 43.71%, कैलिम्पोंग 39.61%, अलीपुरद्वार 38.80%, बांकुरा 43.22%, बीरभूम 41.92%, कूचबिहार 38.67%, दक्षिण दिनाजपुर 41.17%, दार्जिलिंग 39.72% और जलपाईगुड़ी 39.51% मतदान दर्ज किया गया है.

तमिलनाडु में भी जिलों के आंकड़े सामने आए

तमिलनाडु में सुबह 11 बजे तक सबसे अधिक मतदान तिरुपुर में 42.45 प्रतिशत रहा, जबकि रामनाथपुरम में सबसे कम 34.02 प्रतिशत वोटिंग हुई है. अन्य जिलों में इरोड 41%, कल्लाकुरिची 37.30%, कांचीपुरम 39.48%, कन्याकुमारी 34.68%, करूर 39.70%, कृष्णागिरी 36.53%, मदुरै 36.22%, मईलादुथुरई 35.33%, अरियालुर 36.11%, चेंगलपट्टू 37.17%, चेन्नई 35.47%, कोयंबटूर 38.62%, कुड्डालोर 36.30%, धर्मपुरी 38.28% और डिंडिगुल 39.05% मतदान दर्ज किया गया है.

तेज मतदान से बढ़ी राजनीतिक हलचल

दोनों राज्यों में हो रही तेज मतदान प्रक्रिया ने राजनीतिक दलों की चिंता जरूर बढ़ा दी है. हालांकि इसके पीछे एक अहम वजह मतदाता सूची का पुनरीक्षण भी माना जा रहा है. चुनाव आयोग द्वारा मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाने के बाद वास्तविक मतदाताओं की संख्या स्पष्ट हुई है, जिससे मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी देखी जा रही है.

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