Hazaribagh : एक करोड़ 15 लाख की योजना पर उठे सवाल; ग्रामीणों ने पश्चिमी वन प्रमंडल को सौंपा आवेदन, काम रोकने की मांग
हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड अंतर्गत तलसवार पंचायत में सड़क निर्माण को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. ग्रामीणों ने संवेदक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि स्वीकृत निविदा स्थल को छोड़कर नियम विरुद्ध तरीके से वन विभाग की भूमि पर सड़क का निर्माण कराया जा रहा है. इस अनियमितता को लेकर ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है और काम को तत्काल रोकने की मांग की है.
क्या है पूरा मामला?
ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, हजारीबाग द्वारा तलसवार गांव में मुख्य सड़क से टिकरीटांड होते हुए अर्जुन साव एवं सुरेश महतो के घर तक तथा उतरेली तालाब तक पीसीसी पथ और गार्डवाल निर्माण की स्वीकृति दी गई है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत लगभग एक करोड़ 15 लाख 75 हजार 300 रुपये है. निर्माण कार्य का जिम्मा ‘इंद्रदेव पुरुषोत्तम कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड’ को सौंपा गया है, जिसे 9 माह के भीतर कार्य पूर्ण करना है.
ग्रामीणों के गंभीर आरोप
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि संवेदक निर्धारित स्थल पर कार्य करने के बजाय अपनी सुविधा और निजी स्वार्थ के लिए वन भूमि का अतिक्रमण कर सड़क बना रहा है. ग्रामीणों ने इस संबंध में पश्चिमी वन प्रमंडल हजारीबाग को लिखित आवेदन देकर हस्तक्षेप की गुहार लगाई है. आवेदन में चेतावनी दी गई है कि यदि अवैध निर्माण नहीं रुका, तो बहुमूल्य वन क्षेत्र को अपूरणीय क्षति पहुँच सकती है.
प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल
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हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े आरोप लगने के बावजूद इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास विफल रहा. फिलहाल विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
जांच की उठ रही मांग
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्थल की अविलंब जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी राशि का उपयोग स्वीकृत नक्शे और नियमों के अनुरूप ही हो. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी होने पर वे उग्र आंदोलन को विवश होंगे.
