Chakradharpur: चक्रधरपुर-झारखंड सरकार के पशुपालन विभाग द्वारा हाल ही में नकटी पंचायत अंतर्गत तेंदा और इन्द्रुआ गांवों में ग्रामीणों के बीच बकरियों का वितरण किया गया था. लेकिन वितरण के कुछ ही दिनों बाद बकरियां अचानक बीमार पड़ने लगीं और एक-एक कर उनकी मौत होने लगी. अब स्थिति यह है कि बीमारी गांवों में फैल गई है और अन्य ग्रामीणों की बकरियां भी मर रही हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि मामले की जानकारी कई बार पशुपालन विभाग के डॉक्टरों को फोन के माध्यम से दी गई, लेकिन अब तक कोई भी डॉक्टर गांव पहुंचकर जांच या उपचार के लिए नहीं आया है. इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है.
ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग
ग्रामीणों ने कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. उनका कहना है कि जिन लोगों की बकरियां मरी हैं, उन्हें पशुपालन विभाग उचित मुआवजा दे. बीमारी से जिन ग्रामीणों की बकरियों की मौत हुई है उनमें बेरगा पूर्ति, गंगा गागराई, पूनम गागराई, बलभद्र दिग्गी, सिकंदर गागराई, उदय सिंह पूर्ति, नंदू पूर्ति और मॉडल पूर्ति सहित कई अन्य ग्रामीण शामिल हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द पशु चिकित्सकों की टीम भेजकर बीमारी की जांच कराने तथा प्रभावित पशुपालकों को मुआवजा देने की मांग की है.
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